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लखनऊ17 घंटे पहले

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हर खेत तक पानी पहुंचाने के साथ पानी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘पर ड्राप मोर क्राप’ का नारा दिया था। इसकी झलक सोमवार को योगी सरकार के वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में भी देखने को मिली। - Dainik Bhaskar

हर खेत तक पानी पहुंचाने के साथ पानी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘पर ड्राप मोर क्राप’ का नारा दिया था। इसकी झलक सोमवार को योगी सरकार के वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में भी देखने को मिली।

  • हर खेत तक पानी पहुंचाएगी योगी सरकार, लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए बजट में मिला धन
  • 2024 तक सबको शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए बजट में 15000 करोड़ रुपए का प्रावधान

हर खेत तक पानी पहुंचाने के साथ पानी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘पर ड्राप मोर क्राप’ का नारा दिया था। इसकी झलक सोमवार को योगी सरकार के वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में भी देखने को मिली। सरकार का नए वित्तीय सत्र में कुल बजट 5 लाख 50 हजार 270 करोड़ (5,50,270.78 करोड़ रुपए) का है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुना करने का है। इसके अलावा आठ सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का है। इससे 16,41,000 हेक्टेयर रकबा सिंचित हाेगा। करीब 40,48,000 किसानों को लाभ मिलेगा।

इस बजट में किसानों की आय दोगुनी करने, सरकारी नलकूपों से मुफ्त पानी उपलब्ध कराने और सहकारी समितियों से रियायती दर पर फसली कर्ज उपलब्ध कराने सहित किसान कल्याण के लिए कई योजनाओं की घोषणा की गई।

आत्मनिर्भर कृषि समन्वित विकास योजना की सौगात

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में पेश बजट में वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 से ‘आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना’ शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 600 करोड रुपए, नहरों और सरकारी नलकूपों से किसानों को मुफ्त पानी की व्यवस्था के लिए 700 करोड़ रुपए और किसानों को प्रारंभिक सहकारी कृषि ऋण समितियों के जरिए रियायती दरों पर फसली ऋण उपलब्ध कराने के मकसद से 400 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

बजट में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान योजना के तहत खेतों में विभिन्न क्षमताओं के सोलर पंप की स्थापना का जिक्र करते हुए 2021-22 में ऐसे 15,000 पंप स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र की लक्षित विकास दर 5.1% को हासिल करने के लिए वर्ष 2021 में खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 64 लाख टन और तिलहन उत्पादन लक्ष्य 13 लाख टन निर्धारित किया गया है। इसके अलावा वर्ष 2020-21 में बीज वितरण के 17 लाख क्विंटल के लक्ष्य के सापेक्ष 2021-22 में 62 लाख 50 हजार क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य प्रस्तावित है।

सरकार ने बजट में अधूरी योजनाओं के लिए भी भरपूर पैसे का प्रावधान किया है। इस क्रम में मध्य गंगा नहर के लिए 1137 करोड़, राजघाट नहर परियोजना के लिए 976 करोड़, सरयू नहर के लिए 610 करोड़, पूर्वी गंगा नहर परियोजना के लिए 271 करोड़ और केन बेतवा नहर परियोजना के लिए 104 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

2024 तक हर घर को नल की व्यवस्था

खेतों की प्यास बुझाने के साथ ही सरकार की प्राथमिकता सबको 2024 तक शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का भी है। इस बाबत जल जीवन मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत सभी घरों में पाइप से पानी मुहैया कराने के लिए बजट में 15,000 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में शहरी निकायों में घरेलू कनेक्शन के साथ सर्व सुलभ जल आपूर्ति और अमृत शहरों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए बजट में 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान है। मुख्यमंत्री RO पेयजल योजना के लिए 22 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।



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By Raj

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