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बस्तीएक महीने पहले

यूपी के बस्ती जिले में एक शख्स को मरीज को इलाज के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। उसका आरोप है कि उसे मरीज को ठेले पर लादकर तीन किलोदूर दूर अस्पताल पहुंचाया।

  • जिला अस्पताल के अधिकारियों ने कहा- इसकी मॉनटरिग लखनऊ से होने की वजह से हम कुछ नहीं कर पाते

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुलती दिखाई देर रही है। आम लोगों को एंबुलेंस तक नसीब नहीं हो रही है। ताजा मामला यूपी के बस्ती जिले के हरैया ब्लॉक का है। यहां एंबुलेंस के आभाव में एक कड़ाके की सर्दी में तीन किलोमीटर ठेले पर लादकर महिला को अस्पताल ले गया। मरीज के परिजनों का कहना है कि बार बार 108 एम्बुलेंस पर काल करने के बाद भी कॉल रिसीव नहीं हुई जिसकी बाद मजबूर होकर ठेले पर लादकर अस्पताल जाना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, बस्ती जिले के हरैया ब्लॉक क्षेत्र में एक शख्स अपनी भाभी को कड़ाके की ठंडक में नेशनल हाईवे से होते हुए गांव से लगभग 3 किलोमीटर चलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ठेले पर मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचा। आरोप है कि वहां पहुंचने पर भी एक स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं हो पाई और मरीज को ठेले पर ही ओपीडी वार्ड तक पहुंचाया गया।

एंबुलेंस के लिए बार बार फोन किया लेकिन नहीं मिली मदद
ठेले पर महिला को इलाज के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया लेकर आए देवर झिनकान ने बताया की बार बार एम्बुलेंस के लिए फोन किया गया लेकिन फोन नहीं लगा तो साहब तबीयत ज्यादा खराब होने के चलते मैंने अपने ठेले पर ही लाद कर अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज चल रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल में स्ट्रेचर न होने पर ठेले से महिला मरीज को अस्पताल के अन्दर ओपीडी कक्ष तक परिजनों के द्वारा लाया गया।

अस्पताल के अधीक्षक ने मामले से झाड़ा पल्ला
अधीक्षक डॉक्टर आरके यादव ने बताया की एम्बुलेंस अस्पताल में पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध है। लेकिन इसकी मॉनिटरिंग लखनऊ से होने की वजह से अस्पताल की कोई भूमिका नहीं है। लेकिन तब भी अधिकतर मरीज एम्बुलेंस से ही आते हैं। हो सकता है कि नेटवर्क खराब होने के चलते तीमारदारों का फोन 108 एम्बुलेंस पर न लगा हो।



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By Raj

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