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लखनऊ10 दिन पहले

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एफआईआर होने के बाद स्किल डेवलपमेंट मंत्री कपिल अग्रवाल ने भाई को बचाने के लिए पीएम और सीएम की फोटो लगाने को लेकर पीआर एजेंसी को जिम्मेदार बताया था।  - Dainik Bhaskar

एफआईआर होने के बाद स्किल डेवलपमेंट मंत्री कपिल अग्रवाल ने भाई को बचाने के लिए पीएम और सीएम की फोटो लगाने को लेकर पीआर एजेंसी को जिम्मेदार बताया था। 

  • मंत्री ने भाई को बचाने के लिए पीएम और सीएम की फोटो लगाने को लेकर पीआर एजेंसी को जिम्मेदार बताया था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी की फ़ोटो लगाकर मंत्री के भाई के द्वारा स्वदेशी मोबाइल लॉन्चिंग के मामले में दो को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हजरत गंज पुलिस ने पीआर एजेंसी के मालिक आशीष गुप्ता और कंपनी सीईओ डीपी त्रिपाठी से पूछताछ कर रही है। माना जा रहा दोनों से पूछताछ के बाद मंत्री कपिलदेव अग्रवाल के भाई से भी पूछताछ होंगी जिसके बाद यह बात सामने आएगी आख़िर किसके कहने पर फ़ोटो लगाई गई थी।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीआर एजेंसी का मालिक तीन दिन पहले (3 जनवरी ) राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। हजरत गंज पुलिस ने आशीष गुप्ता के गिरफ्तार होने के एक दिन बाद डीपी त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है। पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए कोर्ट में अर्जी लगा दी है। इसके बाद मंत्री के भाई से पुलिस पूछताछ करने के लिए बुला सकती है।

मंत्री ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की फोटो लगाने का ठीकरा पीआर एजेंसी पर फोड़ा था। होर्डिंग लगाने वाला आशीष गुप्ता बताएगा किसके कहने पर पीएम और सीएम की फोटो लगाई थी। मंत्री कपिलदेव अग्रवाल के भाई के खिलाफ मामला दर्ज है। एफआईआर होने के बाद स्किल डेवलपमेंट मंत्री कपिल अग्रवाल ने भाई को बचाने के लिए पीएम और सीएम की फोटो लगाने को लेकर पीआर एजेंसी को जिम्मेदार बताया था।

इन पर दर्ज हुई थी एफआईआर
29 दिसम्बर 2020 को जिन पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है उसमें भारती एडवरटाइजिंग कंपनी का सीईओ- मंत्री का भाई ललित अग्रवाल, दुर्गाप्रसाद त्रिपाठी -कंपनी फाउंडर, शोएब मलिक – कंपनी फाउंडर, नागेंद्र नाथ ललित -मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर और सुल्तानपुर का रहने वाला एक शख्स विवेक कुमार शामिल है।

लांचिंग में मंत्री के भाई समेत अन्य मंत्री भी हुए थे शामिल
मोबाइल की लॉन्चिंग में सरकार के मंत्री कपिलदेव अग्रवाल और दूसरे मंत्री भी शामिल हुए थे। IN BLOCK नाम के इस फोन को लॉन्च करने के बाद कंपनी का एडवरटाइजिंग का काम मंत्री के भाई ललित अग्रवाल को दे दिया गया, इसके लिए करोड़ों रुपये अदा किए गए। मंत्री के भाई ललित अग्रवाल ने यूपी और उत्तराखंड में होर्डिंग्स लगाकर प्रचार किया, लेकिन ये फोन बाजार में आया ही नहीं। आशंका है कि कंपनी का इरादा सरकार से सस्ती दर पर जमीन और दूसरी सहूलियत लेने का था।

2019 में बनी थी कंपनी, लखनऊ में होर्डिंग का किया था काम
1 मई 2019 को बनी इस कंपनी को लिंकडिन पर तलाश करने पर पता चला कि शोएब मलिक और दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी इस कंपनी के फाउंडर हैं। यह कंपनी कहां कहां रजिस्टर्ड है इसका विवरण कंपनी सोसाइटी की वेबसाइट पर दिखाई न देना मामले को संदिग्ध बना रहा है। भारती एडवरटाइजिंग कंपनी के सीईओ मंत्री का भाई ललित अग्रवाल ने ही यूपी और उत्तराखंड के लोगों को यह समझाने का ठेका लिया था कि यह स्वदेशी फोन है। लोग पीएम और सीएम का फोटो देखकर झांसे में आ ही जाने थे।



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By Raj

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