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  • High Court Imposes Ban On Reverting Prayagraj Head Constables To Constable Post, CM Yogi Also Reprimanded Officers

प्रयागराज11 घंटे पहले

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उच्च न्यायालय ने हेड कांस्टेबलों को कांस्टेबल के पद पर रिवर्ट करने के फैसले पर रोक लगा दी है।

  • यूपी में 900 कांस्टेबल को यूपी पुलिस से पीएसी में भेजा गया था
  • अपर महानिदेशक के इस आदेश को हाईकोर्ट में दी गई थी चुनौती

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 890 पुलिस हेड कांस्टेबलों को कांस्टेबलों पद पर रिवर्ट कर पीएसी में भेजने के आदेश पर रोक लगा दी है। याचिका में नौ व 10 सितम्बर 2020 के डीआईजी स्थापना व अपर पुलिस महानिदेशक के आदेशों को चुनौती दी गई थी। इन आदेशों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात 890 हेड कांस्टेबलों को पदावनत कर कांस्टेबल बना दिया गया था। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए डीजीपी को निर्देश दिया था कि कांस्टेबलों को नियमानुसार प्रोन्नति दी जाए। इसके बाद एडीजीपी ने आदेश में संशोधन करा दिया था।

यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने पारसनाथ पांडेय समेत रिवर्ट किए गए सैकड़ों अन्य हेड कांस्टेबलों की याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम और अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल को सुनकर दिया है। सुनवाई के दौरान अपर महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि हेड कांस्टेबलों को पीएसी में भेजने का आदेश संशोधित कर दिया गया है।

सरकार ने ने हेड कांस्टेबलों को पीएसी में भेजने का आदेश वापस ले लिया है

वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम ने बताया कि संशोधित आदेश में कांस्टेबलों को पीएसी में भेजने के बाद वहीं प्रोन्नति पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे कांस्टेबल संतुष्ट नहीं हैं। गौतम ने अपनी बहस में कहा कि इतने वृहद स्तर पर हेड कांस्टेबलों को सुनवाई का अवसर दिए बगैर पदावनत करना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है। यह भी कहा कि याचियों को 20 वर्ष के बाद सिविल पुलिस से पीएसी में वापस भेजना शासनादेशों के विरुद्ध भी है।

याचिका में नौ व 10 सितम्बर 2020 के डीआईजी स्थापना व अपर पुलिस महानिदेशक, पीएचक्यू के आदेशों को चुनौती दी गई है। इन आदेशों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात 890 हेड कांस्टेबलों को पदावनत कर कांस्टेबल बना दिया गया। रिवर्ट किए गए हेड कांस्टेबलों ने याचिका दाखिल करके इन आदेशों की वैधानिकता को चुनौती दी।



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By Raj

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