हाथरस6 घंटे पहले

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सोशल एक्टिविस्ट मेधा पाटकर शुक्रवार को हाथरस में गैंगरेप पीड़िता के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने योगी सरकार पर जमकर हमला बोला।

  • हाथरस में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की लड़की के साथ गैंगरेप किया था
  • आरोपियों ने लड़की की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी

उत्‍तर प्रदेश के हाथरस के गांव बूलगढ़ी में मृतका के परिवार का हाल जानने के लिए सोशल एक्‍टिविस्‍ट मेधा पाटकर शुक्रवार को पीड़ित परिवार के घर पहुंची। इस दौरान उन्होंने योगी सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि पीड़िता के परिवार को आज तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्यों नहीं मिली है। बेटी की मौत के बाद पीड़िता का परिवार झूठ नहीं बोल सकता।

पाटकर के साथ अन्‍य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इन सबने पीड़ित परिवार से घटना की पूरी जानकारी की और न्‍याय दिलाने के लिए साथ देने का आश्‍वासन दिया। मेधा पाटकर ने कहा कि पीड़िता का परिवार झूठ नहीं बोल सकता है। उन्होंने कहा कि पीड़िता को जब दिल्ली एम्स ले जाना था तो सफदरजंग क्यों ले गए। मेडिकल जांच पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि डीएम को अपना कर्तव्य पूरा करना चाहिए था। सरकार की भी नैतिक जिम्मेदारी बनती थी।

क्या है पूरा मामला?

हाथरस में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की लड़की के साथ गैंगरेप किया था। आरोपियों ने लड़की की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई। चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था।

मेधा ने नर्मदा बचाओ के लिए किया था आंदोलन
मेधा पाटकर 28 मार्च 2006 को नर्मदा नदी के बांध की ऊंचाई बढ़ाए जाने के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया था। 17 अप्रैल 2006 को सुप्रीम कोर्ट से नर्मदा बचाओ आंदोलन के तहत बांध पर निर्माण कार्य रोक देने की अपील को खारिज कर दिया। इसके अलावा मेधा पाटकर कई ऐसे आंदोलन कर चुकी हैं, जिसके चलते राज्‍य सरकार को अपने फैसले बदलने पड़े हैं।



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By Raj

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