वाराणसी17 घंटे पहले

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यूपी के वाराणसी में बुनकरों ने बिजली की दरों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने कहा है कि जब तक मांगे नहीं मानी गईं तब तक वो काम शुरू नहीं करेंगे।

  • डेढ़ माह बीतने के बाद भी सरकार की तरफ से बुनकरों के लिए कोई नई योजना नहीं लाई गई
  • सरकार से मांग है कि जिस तरह बुनकरों को 2006 से फ्लैट रेट पर बिजली मिलती थी, वह जारी रहे

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में फ्लैट रेट पर बिजली नहीं मिलने से आक्रोशित बुनकर गुरुवार सुबह से एक बार फिर हड़ताल पर चले गए हैं। वैसे तो हड़ताल प्रदेश स्तरीय है लेकिन इसका ज्यादा असर वाराणसी में देखने को मिल रहा है। यहां फ्लैट रेट समेत तीन मांगों को लेकर बुनकर बिरादराना तंजीमो के मुर्री बंद के आह्वान पर हैंडलूम और पावरलूम बंद कर दिए हैं।

बुनकरों की पिछले दो महीने में यह दूसरी हड़ताल है। सितंबर में भी बुनकर हड़ताल पर चले गए थे। तब सरकार ने यह कहकर हड़ताल खत्म कराई थी कि जुलाई माह तक फ्लैट रेट से बिल का भुगतान सभी बुनकर करेंगे। बुनकरों के लिए 15 दिन में नई योजना लाई जाएगी। डेढ़ माह बीतने के बाद भी सरकार की तरफ से बुनकरों के लिए कोई नई योजना नहीं लाई गई।

बुनकरों ने सड़क पर उतरकर तख्तियां लेकर किया प्रदर्शन

दुल्लापुर पार्षद रमजान अली ने तो दर्जनों बुनकरों के साथ हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया। उनका कहना है कि सरकार गरीब बुनकरों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। बनारसी साड़ी के कारोबारी मुन्नू मारवाड़ी ने बताया दुर्गा पूजा का सीजन है। कोलकाता, दिल्ली, मुम्बई से तमाम आर्डर आते है। एक दिन के हड़ताल में दो से तीन करोड़ का नुकसान होगा। क्योंकि बुनकर के साथ धागा वाला, पालिश वाला, जरी वाला समेत तमाम लोग जुड़े होते है।ट्रांसपोर्ट का भी बड़ा काम जुड़ा रहता है।

बुनकरों ने सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
इसके बाद बुनकरों ने इस वादाखिलाफी के विरोध में 15 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी थी। इसको लेकर बुधवार को बुनकरों ने बैठक भी की। कहा कि सरकार से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। हम लोग सरकार से मांग करते है कि जिस तरह बुनकरों को 2006 से फ्लैट रेट पर बिजली मिलती थी, वह जारी रहे।

सरकार को पूरा हक है कि फ्लैट रेट अगर पहले के मुकाबले कम है तो उसे बढ़ा ले। गुरुवार सुबह बुनकरों ने वाराणसी के विभिन्न स्थानों पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया। नुक्कड़ नाटक से अपनी समस्याएं गिनाई और सरकार से जल्द से जल्द बिजली बिल निर्धारित करने की पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की।

घूमघूम कर बुनकरों ने बंद कराए पॉवरलूम
बुनकर बहुल क्षेत्रों में सुबह से ही विभिन्न तंजीमो के लोग घूम घूम कर लूम बंद करने की अपील करते रहे। हाथों में बैनर पोस्टर लेकर सड़कों और गलियों में बुनकर घूमे। बड़ी बाजार, पीली कोठी, आदमपुर, जैतपुरा, सरैया, लोहता आदि बुनकर बहुल क्षेत्रों में बुनकरों ने अपने घरों व कारखानों के बाहर आकर विरोध दर्ज कराया।

बुनकर बिरादराना तंजीम बाइसी के सरदार इकरामुद्दीन व चौदहों के सरदार मकबूल हसन ने कहा कि सितम्बर में हड़ताल के दौरान सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार करने व नई व्यवस्था के बाद आए बिलों में छूट देने की बात कही थी।



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By Raj

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