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11 घंटे पहले

शिव बारात में बैंड बाजा के साथ डमरू, शहनाई भी बजता है।

  • काशीवासी बाबा के बारात का हर साल इंतजार करते हैं

काशी नगरी में शिवरात्रि के दिन अलग-अलग इलाकों से शिव बारात निकलता हैं। गुरुवार को तिलभांडेश्वर मंदिर से बाबा का बारात केदार मंदिर तक के लिए निकला। महिलाएं रीति रिवाज के साथ परछन कर बारात को आगे बढ़ाती हैं। भूत-प्रेत, किन्नर, देवता सभी बाबा के बाराती बन कर साथ चलते हैं। हाथी घोड़ा भी शामिल रहता हैं।

महादेव घोड़े पर सवार होकर निकले।

महादेव घोड़े पर सवार होकर निकले।

बाबा का बारात पहुंचने पर द्वार पूजा भी होता है

आयोजन समिति के मुन्ना गुरु ने बताया सालभर सभी को इस घड़ी का इंतजार रहता हैं। सृष्टि के पालन हार महादेव के बारात में ढोल, नगाड़ों, बैंड बाजा के साथ भूत प्रेत देवगन सभी लोग हर्ष के साथ शामिल होते हैं। सारे ऊंच नीच भेद भाव मिट जाता हैं।

शिव बारात में लाठी से करतब दिखाते।

शिव बारात में लाठी से करतब दिखाते।

BHU के VC प्रो.राकेश भटनागर ने विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, चीफ प्रॉक्टर प्रो. आनंद चौधरी समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी भी उपस्थित रहे।

BHU के VC प्रो.राकेश भटनागर ने विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, चीफ प्रॉक्टर प्रो. आनंद चौधरी समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी भी उपस्थित रहे।

तिलभांडेश्वर महादेव के मंदिर में दर्शन पूजन।

तिलभांडेश्वर महादेव के मंदिर में दर्शन पूजन।

गौरी केदारेश्‍वर मंदिर में अरघे के ऊपर से जलाभिषेक करते श्रद्धालु।

गौरी केदारेश्‍वर मंदिर में अरघे के ऊपर से जलाभिषेक करते श्रद्धालु।

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By Raj

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