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वाराणसी8 दिन पहले

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महानगर अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष के साथ दर्जनों कार्यकर्ता आईजी रेंज विजय सिंह मीणा के खजूरी स्थित ऑफिस पूर्व MLA अजय राय की सुरक्षा को लेकर मिलने पहुंचे।

  • उत्तर प्रदेश में मुख्तार अंसारी के बाद प्रशासन अजय राय को घेरने की तैयारी में

उत्तर प्रदेश की सरकार बाहुबलियों और माफियाओं के खिलाफ अभियान चला रहा है। पूर्व MLA और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय राय के चार शस्त्रों का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। अजय राय की सुरक्षा की मांग को लेकर गुरुवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता आईजी रेंज के खजूरी स्थित कार्यालय पर ज्ञापन देने पहुंचे। उनके पीआरओ ने ज्ञापन को लिया।

PM मोदी के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुके है

महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने बताया पूर्व MLA पर 26 मुकदमों का हवाला दिया गया है। जबकि 7 मुकदमे लॉकडाउन के समय का है। जब उन्होंने लोगो की मदद की, किसानों का मुद्दा उठाया था। रासुका की बात भी की गयी है। जबकि कोर्ट द्वारा कई मुकदमों में वो बरी हो चुके है। शस्त्रों का लाइसेंस निरस्त करना विद्वेष पूर्ण कार्य है। सरकार उनको सुरक्षा प्रदान करे। उनके भाई अवधेश राय की हत्या कर दी गयी थी। जिसमे मुख्य गवाह अजय राय है। इसलिए उनकी जान को खतरा है।

अजय राय द्वारा 2005 में पिस्टल का लाइसेंस लिया गया था। जिस पर आज तक उन्होंने शस्त्र लिया ही नहीं। डीएम कौशल राज शर्मा ने उसको निरस्त कर दिया। तीन और शस्त्र लाइसेंस को भी निरस्त किया गया। रिवाल्वर, राइफल और पीजी गन दिल्ली लोधी कॉलोनी के पते से लिया गया था। अजय राय पर 26 मुकदमे होने की वजह से सभी को निरस्त किया गया है।



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By Raj

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