प्रयागराज2 घंटे पहले

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इलाहाबाद हाइकोर्ट ने रामपुर की स्वार सीट पर तुरंत उपचुनाव कराने का निर्देश दिया है।

  • स्वार तहसील की नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष की याचिका पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
  • कोर्ट के आदेश के बाद संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही चुनाव को लेकर नोटिफिकेशन जारी हो सकता है

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को अहम आदेश जारी करते हुए रामपुर की स्वार विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने का आदेश जारी कर दिया है। कोर्ट ने तुरंत चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। उत्तर प्रदेश में सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में अब्दुल्ला आजम का केस पेंडिंग होने की वजह से चुनाव न कराने की चुनाव आयोग की दलील भी हाईकोर्ट ने ठुकरा दी।

नगर पालिका परिषद स्वार के पूर्व अध्यक्ष शफीक अहमद द्वारा दाखिल याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने दिया। याची के अधिवक्ता विक्रांत पांडेय के मुताबिक स्वार विधान की सीट का चुनाव इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2019 को रद्द कर दिया था। क्योंकि वहां के निर्वाचित विधायक अब्दुल्ला खान ने गलत जन्मतिथि प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ा था। वर्तमान में यूपी की सात रिक्त सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। मगर स्वार विधान सभा को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई थी।

याची की दलील- 6 महीने से अधिक समय तक रिक्त नहीं रखी जा सकती सीट

अधिवक्ता का कहना था कि जनप्र‌ि‌तिनधित्व कानून के तहत विधानसभा की सीट छह माह से अधिक समय तक रिक्त नहीं रखी जा सकती है, इसलिए स्वार की रिक्त सीट पर भी चुनाव कराया जाए। चुनाव आयोग की ओर से इस पर ‌आपत्ति की गई कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में अपील लंबित है। दूसरे याची ने चुनाव आयोग को कोई प्रत्यावेदन नहीं दिया है इसलिए याचिका पोषणीय नहीं है।

याची के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा ‌कि सुप्रीमकोर्ट द्वारा कोई स्थगन आदेश पारित नहीं है। हाईकोर्ट को इस मामले में सीधे सुनवाई कर आदेश पारित करने का अनुच्छेद 226 में अधिकार है। राज्य सरकार का कहना था कि चुनाव अधिसूचना जारी करना निर्वाचन आयोग का काम है। राज्य सरकार स्वार सीट को रिक्त घोषित कर चुकी है। इसके बाद कोर्ट ने स्वार विधान सभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया।

चुनाव आयोग ने स्वार सीट के लिए नहीं की थी घोषणा

दरअसल, रामपुर के स्वार सीट से गलत दस्तावेज लगाने पर सपा नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां की सदस्यता जा चुकी है। अब्दुल्लाह आजम के 6 साल चुनाव ना लड़ने पर रोक लगाने की शिकायत राष्ट्रपति से की गई है। अब्दुल्ला आजम के संबंध में उत्तर प्रदेश विधान सभा सचिवालय ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा था। जिस पर भारत निर्वाचन आयोग से सहमति के बाद उनके चुनाव लड़ने पर रोक का आदेश जारी किया जाएगा।

फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2018 को अब्दुल्ला आज़म को भ्रष्ट आचरण का दोषी मानते हुए उनकी विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी थी। इसे आधार मानते हुए विधानसभा सचिवालय से इस सीट को 16 दिसंबर 2019 से रिक्त घोषित कर दिया गया था।



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By Raj

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