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लखनऊएक मिनट पहले

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महोबा के पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे हैं। उनकी हाईकोर्ट से अग्रिम जमाानत याचिका भी अस्वीकार हो चुकी है।

  • महोबा के क्रशर कारोबारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में फरार चल रहे मणिलाल पाटीदार
  • यूपी में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे सात आईपीएस चल रहे सस्पेंड, मगर अजय पाल शर्मा व हिमांशु कुमार पर मेहरबानी के कारणों को लेकर चर्चा शुरू

कानपुर के बिकरु गांव में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में अपराधियों से सांठगांठ की पोल खुलने के बाद DIG अनंत देव तिवारी को सस्पेंड किए जाने के बाद साफ हो गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों को योगी सरकार बख्शने के मूड में नहीं है। अब इसके बाद सबकी निगाहें सस्पेंड चल रहे IPS मणिलाल पाटीदार और अभिषेक दीक्षित पर टिक गई है। इन दोनों के खिलाफ विजिलेंस की जांच चल रही थी, जो पूरी होने वाली है। हालांकि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे IPS अजय पाल शर्मा व हिमांशु कुमार पर कार्रवाई न होने से IPS लॉबी में चर्चा शुरू हो गई है।

विजिलेंस टीम जल्द शासन को सौंपेगी रिपोर्ट, IPS मणिलाल की संपत्ति होगी कुर्क
जल्द ही विजिलेंस की रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद राज्य सरकार इन दोनों अफसरों पर भी कानून का शिकंजा कस सकती है। मणिलाल पाटीदार पहले ही महोबा क्रेशर कारोबारी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में आरोपित होने की वजह से फरार चल रहे है। शुक्रवार को महोबा की अदालत ने उनके खिलाफ कुर्की कार्रवाई करने का आदेश भी जारी कर दिया है।

भ्रष्टाचार के आरोप में यूपी में सात IPS चल रहे सस्पेंड

भ्रष्टाचार व अन्य आरोपों में यूपी के सात आईपीएस फिलहाल सस्पेंड चल रहे हैं। लेकिन इन दिनों आईपीएस लॉबी में यह चर्चा है कि आखिर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे आईपीएस अजय पाल शर्मा और हिमांशु कुमार को सरकार द्वारा सस्पेंड क्यों नहीं किया गया? इन दोनों के खिलाफ एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी‚ जो फिलहाल ठंडे बस्ते में है। दोनों के खिलाफ विजिलेंस ने केस भी दर्ज किया है‚ पर उनको सस्पेंड नहीं किए जाने से तमाम सवाल भी उठ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस आईपीएस अफसर की शिकायत के बाद दोनों अफसरों के खिलाफ एसआईटी ने जांच की थी‚ वह बीते 11 माह से सस्पेंड चल रहा है। बता दें कि नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने पांच आईपीएस अफसरों पर भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगाए थे और शासन को इससे संबंधित सबूत भी मुहैया कराए थे। वैभव कृष्ण द्वारा शिकायत करने के बाद आरोपित अफसरों से जिलों का चार्ज वापस ले लिया गया था।



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By Raj

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