लखनऊ14 घंटे पहले

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सपा और भाजपा ने विधानसभा उपचुनाव के लिए किया उम्मीदवारों के नामों की घोषणा।

  • भाजपा ने भी देवरिया सीट से सत्य प्रकाश त्रिपाठी को बनाया उम्मीदवार
  • सपा और भाजपा ने सभी प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है

उत्तर प्रदेश में तीन नवम्बर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने यूपी विधानसभा के उपचुनाव के लिए दो बचे प्रत्याशियों का एलान बुधवार को कर दिया। देवरिया से ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी और उन्नाव के बांगरमऊ से सुरेश कुमार पाल को टिकट दिया है। वहीं, देवरिया सीट पर भाजपा ने भी ब्राह्मण प्रत्याशी सत्य प्रकाश त्रिपाठी को टिकट दिया है। बताया जाता है सत्य प्रकाश त्रिपाठी भाजपा के पूर्व कार्यकर्ता हैं और वह इंटर कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

देवरिया सीट पर सभी दलों ने दिया ब्राह्मण उम्मीदवारों को टिकट
समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में हो रहे साथ विधानसभा सीट के सभी प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। देवरिया का सीट पर समाजवादी पार्टी ने पूर्व मंत्री रहे ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी को अपना उम्मीदवार बनाया है। देवरिया सीट पर खास बात यह है कि समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस तीनों दलों ने ब्राह्मण प्रत्याशी का ऐलान किया है।

ऐसे में भाजपा विधायक जन्मेजय सिंह देहान्त बाद खाली सीट पर इंटर कॉलेज के प्रोफेसर सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी को टिकट दिया है। देवरिया विधानसभा सीट पर चारों ब्राह्मण उम्मीदवार होने के बाद चुनाव बड़ा रोचक होगा। वही उन्नाव में बांगरमऊ विधानसभा सीट पर सुरेश कुमार पाल को टिकट दिया है।

तीन नवम्बर को होगा मतदान

यूपी की आठ विधानसभा सीटों में से 7 पर उप चुनाव की तारीखों पर का ऐलान कर दिया है। रामपुर की स्वार सीट पर उपचुनाव की तारीख की घोषणा नहीं की गई है। तीन नवंबर को सात सीटों पर उप चुनाव होगा। बता दें कि 8 सीटों में से 5 सीट पर 2017 में निर्वाचित विधायकों के निधन की वजह से सीटें खाली हुईं थी। वहीं, 2017 विधानसभा चुनाव की बात करें तो 8 में से 6 पर भाजपा का कब्जा था। जिन 8 सीटों पर चुनाव होने हैं, उसमें से 5 विधानसभा सीटों पर 2017 में निर्वाचित विधायक कमल रानी वरुण, पारसनाथ यादव, वीरेंद्र सिरोही, जन्मेजय सिंह, चेतन चौहान का निधन हो चुका है।

सिर्फ डेढ़ साल के लिए बन सकेंगे विधायक

यूपी में भाजपा को काबिज हुए लगभग साढ़े 3 साल का वक्त बीत चुका है। ऐसे में अब निर्वाचित विधायकों के पास सदन में बैठने का बहुत ज्यादा मौका नहीं होगा। सभी 8 निर्वाचित विधायक डेढ़ साल से भी कम वक्त के लिए निर्वाचित होंगे। दरअसल, 2022 में यूपी एक बार फिर विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट जाएगा।



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By Raj

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