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बुलंदशहर7 मिनट पहले

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यह बुलंदशहर हिंसा के दौरान की फोटो की है। इस दौरान भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।

  • 3 दिसंबर 2018 को गोकशी के बाद स्याना कोतवाली क्षेत्र में भड़की थी हिंसा
  • हिंसा के दौरान स्याना के इंस्पेक्टर सुबोध सिंह व सुमित सिंह नाम के एक युवक की हुई थी हत्या
  • दो साल बाद भी पुलिस इंस्पेक्टर की लापता पिस्टल को बरामद नहीं कर सकी

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में आज के ही दिन 3 दिसंबर 2018 को गोकशी की वारदात के बाद हिंसा की चिंगारी भड़क उठी थी। इस दौरान स्याना कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर सुबोध सिंह राठौर व सुमित नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हिंसा के आरोपी शिखर अग्रवाल ने जेल में बिताए 7 माह 14 दिन में मेरा अपराध पुस्तक लिखी है।

160 पन्नों की इस पुस्तक में स्याना हिंसा के कई रहस्यों को शिखर ने उजागर किया है। साथ ही SIT की जांच और जेल की व्यवस्था पर भी तमाम अहम सवाल खड़े किए हैं। शिखर अग्रवाल को पुलिस ने हिंसा 38वें दिन 10 जनवरी को जेल भेजा था।

शिखर अग्रवाल की पुस्तक का कवर पेज।

शिखर अग्रवाल की पुस्तक का कवर पेज।

रॉयल्टी जेल के बंदियों पर होगी खर्च
स्याना कोतवाली के जवाहरगंज निवासी शिखर अग्रवाल पूर्व में भाजपा यूथ विंग के सदस्य थे। स्याना हिंसा में आरोपी बनाए जाने के बाद उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था। वर्तमान में वे निषाद पार्टी के महासचिव हैं। BAMS अंतिम वर्ष के छात्र शिखर अग्रवाल ने बताया कि, 33 हजार शब्द और 160 पन्नों वाली मेरा अपराध पुस्तक मैंने 7 माह 14 दिन जेल में रहने के दौरान लिखी थी। शिखर ने अपने को और हिंसा में मारे गए सुमित को निर्दोष बताया है।

शिखर ने कहा कि इस पुस्तक का विमोचन दिल्ली में लगने वाले विश्व पुस्तक मेले में 4 से 12 जनवरी के बीच कराया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी पुस्तक उपलब्ध रहेगी। यह स्याना हिंसा का आत्मबोध चिंतन और युवाओं को दिशा देने वाला होगा। इस पुस्तक से मिलने वाली रॉयल्टी जेल के बंदियों के कल्याण पर खर्च की जाएगी।

पुस्तक से इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया

  • हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध का सर्विस रिवाल्वर व मोबाइल फोन आज भी बरामद नहीं हो सका है।
  • हिंसा के बाद तमाम बेकसूर युवाओं को जेल भेजा गया।
  • 17 नामजदों के नाम बाद में विवेचना के दौरान हिंसा से निकाल दिए गए।
इंस्पेक्टर सुबोध सिंह राठौर।-फाइल फोटो

इंस्पेक्टर सुबोध सिंह राठौर।-फाइल फोटो

27 लोगों को नामजद किया गया था, आज भी तीन आरोपी जेल में

दरअसल बुलंदशहर के स्याना में 3 दिसंबर 2018 को भड़की हिंसा में स्याना के इंस्पेक्टर सुबोध व एक युवक सुमित की मौत हो गई थी। इस दौरान कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। चिंगरावठी पुलिस चौकी को फूंक दिया गया था। पुलिस ने उस समय भाजयुमो के नेता शिखर अग्रवाल सहित 27 लोगों को नामजद व 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ 21 धाराओं में मामला दर्ज किया था। जिनमें से 44 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। 41 आरोपियों को बाद में जमानत मिल गई। लेकिन आज भी 3 आरोपी जिला जेल में बंद हैं।



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By Raj

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