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बिजनौर23 दिन पहले

यह फोटो बिजनौर की है। बालक को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

  • बढ़ापुर के भाेगपुर गांव का मामला, ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश
  • ग्रामीण बोले- तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने नहीं किया कोई इंतजाम

उत्तर प्रदेश बिजनौर जिले में मंगलवार की शाम एक गांव में 12 साल के बच्चे पर तेंदुए (गुलदार) ने हमला कर दिया और घसीटते हुए पास के गन्ने के खेत में ले गया। ग्रामीणों ने बच्चे की तलाश शुरू की। तब देखा कि तेंदुआ बच्चे के पास डेर जमाकर बैठा था। बाद में ग्रामीणों के जुटने पर तेंदुआ भाग गया। लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए यदि वन विभाग ने प्रयास किया होता तो बच्चे की जान नहीं जाती। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घर के भीतर से खेत में खींच ले गया तेंदुआ
यह मामला बढ़ापुर के भोगपुर गांव का है। यहां रहने वाला 12 साल का विशाल मंगलवार की शाम अपने घर के भीतर लगे नल से पानी पी रहा था। उसी दौरान खेतों से निकलकर एक तेंदुआ आबादी में घुस गया। उसने घर में घुसकर विशाल पर हमला कर दिया और पास के खेत में खींचकर ले गया। बच्चे की चीख सुनकर घर वाले और आस पड़ोस के लोग दौड़े और बच्चे को छुड़ाने की कोशिश की। लेकिन खेत में ले जाकर तेंदुए ने बच्चे को मार डाला। ग्रामीणों ने तेंदुए को भगाने के बाद विशाल को आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां पर डॉक्टर ने बताया कि उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी।

ग्रामीणों ने वन विभाग से की थी शिकायत

मृतक परिजनों का कहना है कि पिछले काफी वक्त से तेंदुआ रिहायशी इलाके में दिखाई दे रहा था। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने वन विभाग से की थी। लेकिन उसके बावजूद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया। जिसकी वजह से आज विशाल तेंदुए के हमले में मारा गया।



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By Raj

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