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कानपुर9 मिनट पहले

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हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे। फाईल फोटो। इसको मदद करने के आरोप में वीडीओ को निलंबित कर दिया गया है।

  • आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी वही करता था जो विकास दुबे कहता था
  • एसआईटी ने उसके खिलाफ शासन के पास भेजी थी रिपोर्ट, अब हुई कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित बिकरू कांड के मुख्य आरोपित विकास दुबे की चाकरी करना शिवराजपुर के ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) को महंगा पड़ गया। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर डीडीओ ने गुरुवार उन्हें निलंबित कर दिया। उन्हें बिधनू ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है। वीडीओ और विकास के बीच अच्छी जुगलबंदी थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत के साक्ष्य मिले थे। शिवराजपुर के बीडीओ पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इस पर शासन फैसला करेगा।

ग्राम विकास अधिकारी अमित कटियार के पास बिकरू समेत कई गांवों की जिम्मेदारी थी। एसआईटी ने जांच में पाया कि उनकी विकास से फोन पर खूब बातें होती थीं। शासन की योजनाओं में विकास की ही मनमानी चलती थी। पात्रों को लाभ नहीं मिल पाता था। विकास अपने हिसाब से पात्रता सूची तय करता था।

वीडियो वही करता था जो अमित कहता था

आरोप है कि अमित वही करते थे जो विकास कहता था। दुबे ही गांव में आवास, पेंशन, शौचालय की सूची तय करता था। चयन में विकास के अपने मानक थे। उसके दरबार में हाजिरी लगाने वाले लोगों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता था। बिकरू के कई लोगों ने एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराया था। शासन ने सीडीओ को कार्रवाई के आदेश दिए थे।

जिला विकास अधिकारी जीपी गौतम के मुताबिक एसआईटी ने माना कि विकास की अमित से लगातार बातचीत होती थी। विकास अमित को निर्देश देता था। मामले की जांच बीडीओ घाटमपुर एसएन सिंह को दी गई है।



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By Raj

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