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अयोध्या24 मिनट पहले

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अयोध्या में भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा लगाने की तैयारी है। इस बीच प्रभु राम के सेवक हनुमान जी की प्रतिमा उनके जन्मस्थली में लगाने का ऐलान किया गया है।- प्रतीकात्मक फोटो।

  • राम मंदिर ट्रस्ट की तर्ज पर साधु संतों द्वारा बने श्री हनुमत द राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने किया ऐलान
  • ट्रस्ट अध्यक्ष स्वामी गोविंद आनंद सरस्वती ने अयोध्या में आचार्य सत्येंद्र दास से की मुलाकात

रामनगरी अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है तो वहीं, 251 मीटर की विश्व की सबसे ऊंची भगवान राम की मूर्ति लगाने की भी तैयारी है। लेकिन अब प्रभु राम के अनन्य सेवक बजरंग बली की भी 215 मीटर ऊंची मूर्ति लगाने की योजना बन रही है। यह मूर्ति भगवान हनुमान जी की जन्म स्थली किष्किंधा, पंपापुर में लगाई जाएगी। इसके लिए श्री हनुमत द रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तैयारी कर रहा है।

बता दें कि पंपापुर मैसूर (कर्नाटक) में है। वर्तमान में हंपी के निकट बसे हुए ग्राम अनेगुंदी को रामायणकालीन किष्किंधा माना जाता है। यहीं पर पंपा सरोवर स्थित है।

1200 करोड़ रुपए में बनेगी प्रतिमा

ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी गोविंद आनंद सरस्वती ने सोमवार को श्री राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के आवास पर पहुंचे। जहां उन्होंने पत्रकारों से बताया कि उनका ट्रस्ट हनुमान जी महाराज की जन्म स्थली किष्किंधा, पंपापुर में दुनिया की सबसे ऊंची हनुमान मूर्ति जो कि 215 फीट की होगी, बनाने जा रहा है। मूर्ति निर्माण में करीब 1200 करोड़ की लागत आएगी। इसके लिए ट्रस्ट देशभर में रथ यात्रा निकालकर चंदा एकत्र करेगा।

रामलला को 80 फीट का रथ भेंट होगा

आनंद सरस्वती ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 80 फीट का एक भव्य रथ भी भेंट किया जाएगा, जो कि दो साल में दो करोड़ से बनकर तैयार हो जाएगा। यह रथ रामलला के लिए होगा।



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By Raj

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