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लखनऊ9 घंटे पहले

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पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति।- फाइल फोटो

  • गायत्री की 21 बेनामी संपत्तियों का हुआ खुलासा, कई नौकरों के नाम से करोड़ों की संपत्ति खरीदी
  • गैंगरेप मामले में जेल में हैं गायत्री, प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा जांच

समाजवादी पार्टी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रजापति की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एक और FIR दर्ज की गई है। यह FIR विजिलेंस की जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन की अनुमति पर हुई है। विजिलेंस ने लखनऊ में FIR दर्ज कराई है। उन पर खनन मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप है।

दो साल पहले शुरू हुई थी जांच

दरअसल, दो साल पूर्व विजिलेंस ने पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ जांच शुरू की थी। जांच में खुलासा हुआ था कि साल 2007 से 2012 तक मंत्री पद पर रहते हुए गायत्री की संपत्ति आय से करीब 3.50 करोड़ अधिक है। विजिलेंस को 21 बेनामी संपत्तियों की भी जानकारी मिली है, जो गायत्री प्रजापति से संबंधित बताई जा रही है। गायत्री ने अपने ड्राइवर और कई नौकरों को भी करोड़पति बना दिया है। इन सबके नाम से संपत्तियां खरीदी गई हैं।

ED का भी शिकंजा कस रहा, गैंगरेप केस में भी राहत नहीं
गायत्री प्रजापति के खिलाफ ED (प्रवर्तन निदेशालय) भी जांच कर रहा है। हाल ही में ED ने गायत्री के बेटे से भी पूछताछ की थी। गायत्री प्रजापति इन दिनों जेल में हैं। उन पर एक नाबालिग ने लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। 15 मार्च 2017 को उन्होंने पुलिस के सामने सरेंडर किया था। गायत्री के अलावा छह अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। जिसके बाद 18 जुलाई 2017 को लखनऊ की पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने सातों आरोपियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया था।

बीते 4 सितंबर को तीन साल पांच माह और 20 दिन बाद उन्हें हाईकोर्ट ने मेडिकल बैकग्राउंड के आधार पर जमानत दी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर रोक लगा दी थी। इसके बाद फिर से उन्हें जेल भेज दिया गया था।



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By Raj

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