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गोरखपुर28 मिनट पहले

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नाथ परंपरा के अनुसार गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में हवन पूजन करते सीएम योगी आदित्यनाथ।

  • योगी शुक्रवार को ही अपने गृहनगर पहुंच गए थे
  • आज सुबह उन्होंने अष्टमी के मौके पर पूजा पाठ की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्ष पीठाधीश्वर के रूप में पूरे विधि विधान के साथ गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में महाअष्टमी के मौके पर पूजा अर्चना की। ऐसी मान्यता है कि नाथ संप्रदाय में नवरात्र पर माँ भगवती की आराधना के साथ ही निशा पूजन की विशेष महत्व होती और इस पूजन को केवल नाथ साम्प्रदाय के गोरक्ष पीठाधीश्वर ही सम्पन्न करते है।

नाथ परंपरा के अनुसार गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में हवन अष्टमी के दिन सायंकाल होता है और आज अष्टमी लगने के कारण गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ द्वारा गौरी गणेश पूजन, वरुण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन, स्थापित मां दुर्गा की विधिवत पूजा अर्चना, भगवान राम लक्ष्मण सीता व कृष्ण एवं गौ माता का पूजन नवग्रह पूजन किया गया।

वैदिक मंत्रों के साथ गोरक्ष पीठाधीश्वर ने की पूजा

तत्पश्चात वेरी कलश पर उगे जौ को गोरक्ष पीठाधीश्वर आचार्य द्वारा वैदिक मंत्रों के बीच काटा गया तथा तत्पश्चात हवन वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रूद्र, अग्नि देवता का आवाहन का पूजन किया गया। इसके उपरांत दुर्गा सरस्वती एवं संपूर्ण पाठ के साथ हवन किया गया। बलि के रूप में नारियल, केला, गन्ना, जौ की सात्विक बलि देकर पूजन गोरक्ष पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया। आदिशक्ति की आराधना का कार्य पूरे विधि विधान के साथ संपन्न हुआ।

अंत में आरती एवं क्षमा याचना के बाद प्रसाद वितरण किया गया। रात्रि में विशेष महानिशा पूजा विधि विधान से गोरक्ष पीठाधीश्वर द्वारा नाथ परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोचार के बीच गोरक्ष पीठ के पुरोहित द्वारा संपन्न कराया गया।

पूजा अर्चन के दौरान कई लोग रहे मौजूद

इस विशेष पूजन के साक्षी बने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह, सदर सांसद रवि किशन शुक्ला, पूर्व महापौर ड़ॉ सत्या पांडे, द्वारिका तिवारी, दुर्गेश बजाज, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में नाथ संप्रदाय से जुड़े साधु-संत, श्रद्धालु मंदिर के पुरोहित और संस्कृत वाचक मौजूद रहे।



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By Raj

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