वाराणसी29 मिनट पहले

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पीएम मोदी ने वाराणसी के स्ट्रीट वेंडर अरविंद से बात की।

  • स्वनिधि योजना के तहत फेरी, पटरी, ठेला, खोमचा वालो को 10 हजार तक का ऋण दिया जा रहा है
  • शहर के तमाम जगहों पर एलईडी स्क्रीन से दिखाया गया संवाद, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन भी रहे मौजूद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्व-निधि योजना के तहत अपने संसदीय क्षेत्र में सड़क किनारे ठेला लगाने वाले अरविंद मौर्या से बात की। सरायनंदन के रहने वाले अरविंद दुर्गा कुंड मंदिर के पीछे फास्ट फूड का स्टाल लगाते हैं। जो व्यक्ति डिजिटल पेमेंट करता है, उसे अरविंद एक मोमोज फ्री देते हैं। इस पर पीएम मोदी ने मजाकिया लहजे में कहा कि मुझे काशी आने पर कोई मोमोज नहीं खिलाता। सुरक्षा वाले बहुत परेशान करते हैं।

रेहड़ी-पटरी दुकानदारों का पीएम ने सम्मान बढ़ाया

अरविंद बीते 15 साल से फूड स्टाल लगा रहे है। पहले आइसक्रीम बेचते थे। 2010 से मोमोज बेचने लगे। पिता सब्जी बेचते थे। परिवार में मां, पत्नी रोशनी, दो बच्चे आयुष और माही हैं। अरविंद ने बताया कि ठेले खोमचे वालों को लोग कुछ नहीं समझे। कई लोग तो कहते है कि इनकी औकात ही क्या होती है? आज पीएम ने बातचीत कर हम सभी का सम्मान समाज में बढ़ा दिया। पीएम ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को लेकर टिप्स दिया कि इस प्रक्रिया में आपको बैंक से भी कुछ पैसे मिलेंगी और ऑनलाइन कंपनी भी पैसे देती है।

पीएम मोदी से अरविंद की क्या-क्या बातें हुई?

मोदी: आपका ठेला कहां लगता है? कैसे बनाते हैं मोमोज?
अरविंद: दुर्गाकुंड के पास स्टाल लगाता हूं। पत्ते गोभी का मोमोज मेरा मशहूर है।

मोदी: स्वनिधि योजना के लिए खूब चक्कर लगाए होंगे, अफसरों के पैर पकड़ने पड़े क्या?
अरविंद: भाग दौड़ नहीं करनी पड़ी। नगर निगम डूडा की मदद से एक दिन में लोन मिल गया।

मोदी: मुझे काशी आने पर कोई मोमोज नहीं खिलाता? सुरक्षा वाले चेक करके ही आगे भेजते हैं?
अरविंद: आप आइए, हम प्रयास करेंगे।

मोदी: इस योजना के बारे में और क्या जानते है?
अरविंद: समय पर लोन चुकता करने पर 20 हजार का लोन और मिलेगा।

मोदी: कोरोना के कारण भीड़ होती है या नही?
अरविंद: हां, सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखता हूं। डिजिटली पेमेंट वाले को एक मोमोज फ्री भी देता हूं।

मोदी: जो लोग होम डिलेवरी चाहते उनको कैसे देते हैं?
अरविंद: स्वीगी से जुड़कर ऑनलाइन आर्डर लेते है।

मोदी: प्रोफेशनली डेवलप हो गए आप। और कोई योजना बताओ जो लाभ दिया हो?
अरविंद: आयुष्मान योजना, बीपीएल कार्ड योजना, श्रम योजना से जुड़ा हूं। एक्सिडेंटल बीमा भी हुआ है।

25 हजार वेंडरों को ऋण वितरण करने का लक्ष्य

योजना के तहत 44 हजार से ज्या दे लोगों ने फार्म भरा है। 24 हजार तक आवेदन सोमवार तक स्वीकृत हो चुके हैं।19 हजार वेंडरों के खाते में पैसा भी पहुंच चुका है। 45,228 वेंडर रजिस्टर्ड है। 44,900 के करीब के फार्म भी भरवा ये जा चुके हैं। काशी रैंकिंग में शीर्ष पर है।

पीएम के कार्यक्रम को देखने की आन-लाइन व्यवस्था

पीएम मोदी के कार्यक्रम को देखने के लिए आधा दर्जन जगहों पर व्यवस्था की गयी है। फैसिलिटी सेंटर, कमिश्नरी सभागार, आशापुर, भेलुपुर, कोतवाली जोन में बिग स्क्रीन पर लाइव कार्यक्रम दिखाया गया।

क्या कहते हैं वेंडर, जिन्हें मिली मदद

सोनिया निवासी शशि नेहरू मार्केट के पास चाट बेचते है। लॉक डाउन में रोजगार खत्म हो गया और कर्ज में चले गये।शशि ने बताया कि किसी तरह दुकान खुला भी तो सामान को पैसे नही थे। फिर स्व-निधि योजना के तहत पैसे मिले और रोजगार शुरू हो गया।



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By Raj

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