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अयोध्याएक महीने पहले

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उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आम सदस्यों की राय है कि बाबरी मस्जिद की जगह से अलग जमीन एक्सचेंज में  लेना शरियत के खिलाफ है। - Dainik Bhaskar

उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आम सदस्यों की राय है कि बाबरी मस्जिद की जगह से अलग जमीन एक्सचेंज में  लेना शरियत के खिलाफ है।

  • मस्जिद ट्रस्ट के सचिव का जवाब, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक बन रही है मस्जिद

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बाबरी मस्जिद एक्शन कमिटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने अयोध्या की धन्नीपुर मस्जिद के निर्माण पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आम सदस्यों की राय है कि बाबरी मस्जिद की जगह से जमीन एक्सचेंज में लेना शरियत के खिलाफ है। इस मस्जिद का निर्माण ही शरियत के खिलाफ है और इसे जायज नहीं कह सकते।

जिलानी ने कहा कि आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की रिव्यू पिटीशन में 17नवंबर 2019 को यह सवाल उठाया गया था जो खारिज हो गई। इसके साथ ही 13 अक्टूबर 2020 को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को भी बाबरी मस्जिद की जगह अलग जमीन न लेने को लेकर रि-प्रेजेंटेशन दिया गया था लेकिन उसे खारिज कर जमीन ले ली गई। पर इससे शरियत का कानून नहीं बदल जाता।

धन्नीपुर मस्जिद से हमें कोई मतलब नहीं

जिलानी ने कहा कि ऐसे में अब मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मोहम्मद वली रहमानी कई मौलानाओं व धर्मगुरुओं से शरीयत के कानून के मुताबिक इसके निर्माण पर राय लेकर अपनी अपील जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या के धन्नीपुर में मस्जिद निर्माण से हमें कोई लेना देना नहीं है। आम मुसलमानों को शरियत के कानून पर परख इसके बारे में जानकारी देंगे बाकी आम मुसलमान चाहे तो वहां नमाज अदा करें अथवा नहीं। उन्होंने कहा शरियत में मस्जिद की जमीन को बिक्री एक्सचेंज व किसी को दान देने को नाजायज कहा गया है। अभी भी शरियत के कानून में बरकरार है।

मस्जिद निर्माण ट्रस्ट ने कहा- धन्नीपुर मस्जिद का बाबरी से नहीं कोई लेना देना

उधर, इसके जवाब में धन्नीपुर मस्जिद निर्माण ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव अतहर हुसैन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश मंदिर-मस्जिद केस में दिया है, उसी के मुताबिक अयोध्या में धन्नीपुर गांव में मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है। कोर्ट के आदेश में यह नहीं कहा गया है कि बाबरी मस्जिद की जगह अयोध्या में 5 एकड़ जमीन दी जाए।

अतहर हुसैन ने कहा कि बाबरी मस्जिद का इस मस्जिद से कोई लेना-देना नहीं है। यह नई मस्जिद बन रही है जिसमें बाबरी मस्जिद का कहीं कोई झलक तक नहीं दिखाई देगी। इसके आर्किटेक्ट डिजाइन से यह बात बिल्कुल साफ हो गई है। ऐसे में नई मस्जिद पर शरियत के कानून को थोपने का कोई औचित्य नहीं है।



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By Raj

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