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वाराणसी3 दिन पहले

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खजाने से मिले प्रसाद को घर मे रखने से धन, अन्न और वैभव में वृद्धि होती है।

  • खजाने में प्रसाद स्वरूप धान का लावा और सिक्का मिलता है
  • सिक्के और लावा को लाल कपड़े में रखकर आलमारी में रखना चाहिए

काशी में मां अन्नपूर्णा के स्वर्ण प्रतिमा का दर्शन धनतेरस से अन्नकूट तक ही होता है। जो इस बार 12 नवंबर से 15 नवंबर तक होगा। कोरोना को देखते हुए इस बार केवल पांच भक्त ही दूरी बनाकर एक बार मे दर्शन कर पाएंगे। उनके बाहर निकलने पर ही दूसरे भक्तों को प्रवेश मिलेगा।

अन्नकूट के दिन 80 क्विंटल तक का भोग मां अन्नपूर्णा को लगता है

महंत रामेश्वर पूरी ने बताया वैश्विक महामारी कोरोना को देखते हुए हर गाइडलाइन को फॉलो किया जाएगा। सुबह छह बजे से मंदिर का पट खोल दिया जाएगा। मां के स्वर्ण प्रतिमा का दर्शन केवल चार दिन ही होता है। भक्तों का प्रवेश ढुंढिराज गेट से होगा निकासी कालिका गली से होगा। हर दो घंटे पर मंदिर को सैनेटाइज किया जाएगा।

महादेव ने मां अन्नपूर्णा से मांगी थी भिक्षा

महंत रामेश्वर पूरी ने बताया कि भगवान शंकर ने जब काशी को बसाया तो उनके साथ देव लोक के सभी देवी देवता काशी आ गए। एक बार बहुत अकाल पड़ा और लोगों में त्राहि त्राहि मच गई। अन्न की कमी उत्पन्न हो गई। तब महादेव मां अन्नपूर्णा से भिक्षा लेने पहुंच गए। तब मां ने महादेव को आशीर्वाद दिया कि काशी में कोई कभी भूखा नहीं सोएगा।



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By Raj

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