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लखनऊ16 मिनट पहले

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यूपी में हाल ही में सम्पन्न हुए राज्यसभा चुनाव के निर्विरोध निर्वाचन को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी गई है। इस मामले में अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी।

  • इस मामले में अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी
  • निर्विरोध निर्वाचन के विरोध में दायर हुई याचिका

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने दस नवनियुक्त राज्यसभा सांसदों को नोटिस जारी की है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 25 जनवरी को नियत किया है। यह आदेश जस्टिस जसप्रीत सिंह की एकल पीठ ने बनारस के व्यापारी प्रकाश बजाज की ओर से दाखिल चुनाव याचिका पहली सुनवाई के बाद पारित किया।

याचिका में 2 नवम्बर को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गए दस राज्यसभा सदस्यों के निर्वाचन को चुनौती दी गई है। याची का कहना है कि उसने स्वयं इन चुनावों के लिए नामांकन दाखिल किया था। लेकिन उनके नामांकन पत्र को निर्वाचन अधिकारी द्वारा निरस्त कर दिया गया था। नामांकन पत्र निरस्त करने का कारण शपथ पत्र व फॉर्म में त्रुटि बताया गया था।

याची का कहना है कि उसका नामांकन गलत आधार पर मनमाने तरीके से निरस्त किया गया है। यह भी कहा गया कि अन्य सभी के फॉर्म में समान त्रुटियां थी किन्तु डबल स्टैंडर्ड अपनाते हुए चुनाव अधिकारी ने मनमाने तरीके से केवल उसी का नामांकन पत्र खारिज किया।

हरदीप पुरी समेत दस लोगों का हुआ था निर्विरोध निर्वाचन

उत्तर प्रदेश से राज्‍यसभा की 10 सीटों के लिए हुए चुनाव में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत सभी 10 उम्‍मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए। सोमवार को नामांकन वापसी की आखिरी तारीख थी। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 8, जबकि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को एक-एक सीट पर जीत मिली है। भाजपा से केंद्रीय मंत्री पुरी के अलावा राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, पूर्व डीजीपी बृजलाल, नीरज शेखर, हरिद्वार दुबे, गीता शाक्य, सीमा द्विवेदी और बीएल वर्मा जीते तो सपा से रामगोपाल यादव और बसपा से रामजीत गौतम राज्यसभा पहुंचे हैं। इन सभी का कार्यकाल 25 नवंबर 2020 से 24 नवंबर 2026 तक रहेगा।



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By Raj

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