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गोरखपुर3 घंटे पहले

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अनुमेहा नवंबर 2019 में आस्ट्रेलिया गईं और वहीं विवाह कर शिफ्ट हो गईं। उनके पति चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं।

  • 31 दिसंबर को सिडनी में आयोजित हुई थी प्रतियोगिता
  • प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर में ही हुई, पिता आर्थोपेडिक सर्जन रहे

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले की रहने वाली अनुमेहा तोमर ने अंतरराष्‍ट्रीय फलक पर भारत का नाम रोशन किया है। अनुमेहा ने 31 दिसंबर को सिडनी में आयोजित राज सूरी मिसेज इंडिया-ऑस्‍ट्रेलिया 2020 का ताज अपने नाम किया है। अनुमेहा मिसेज इंडिया-ऑस्‍ट्रेलिया का ताज जीतकर काफी खुश हैं।वे बुनियादी सुविधाओं से वंचित महिलाओं की मदद करना चाहती हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों में खुशी की लहर है।

शुरुआती पढ़ाई गोरखपुर में हुई

रामगढ़ताल क्षेत्र के गौतम विहार की रहने वाली अनुमेहा (29 साल) के पिता स्व. डॉ नरेंद्र तोमर आर्थोपेडिक सर्जन रहे हैं। उनकी मां अर्चना और दादी यहां पर रहती हैं। अनुमेहा के बड़े भाई परिवार के साथ बेंगलूरु में रहते हैं। अनुमेहा ने 31 दिसंबर को आस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। अनुमेहा की स्‍कूली शिक्षा एपी चिल्ड्रेन एकेडमी और लिटिल फ्लावर स्‍कूल से पूरी हुई है। इसके बाद उन्‍होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीकाम किया। इसके बाद उन्‍होंने बेंगलूरु से मार्केटिंग एंड फाइनेंस में एमबीए किया। इसके बाद उन्‍होंने बेंगलूरु में छह साल तक रियल स्‍टेट के क्षेत्र में काम किया। इस दौरान उन्‍होंने मॉडलिंग के साथ कई विज्ञापनों में भी काम किया।

नवंबर में ऑस्ट्रेलिया गई थी अनुमेहा
नवंबर 2019 में वह आस्ट्रेलिया गईं और वहीं विवाह कर शिफ्ट हो गईं। उनके पति चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं।वे एक कंपनी में प्रशासनिक सहायक के रूप में कार्यरत हैं। अनुमेहा गोरखपुर और भारत के लोगों को याद करते हुए कहती हैं कि उनकी प्रारम्भिक शिक्षा से लेकर ग्रेजुएशन की शिक्षा गोरखपुर में ही हुई। वे बताती हैं कि बचपन से ही उन्‍हें मॉडलिंग का शौक रहा है। उनकी मां शिक्षिका हैं। वे बताती हैं कि भारतीय परिवार में बचपन में मॉडलिंग की बात कितनी बड़ी बात होती है। भारतीय परिवार इसे स्‍वीकार नहीं करते हैं।

कोशिश करें जीत जरूर होगी- अनुमेहा का महिलाओं को मंत्र
अनुमेहा बताती हैं कि बेंगलूरु से एमबीए के बाद उन्‍होंने जॉब शुरू कर दी। जॉब करते हुए उनके अंदर मॉडलिंग करने की फीलिंग आई। वहां पर उन्‍होंने 2016 में मिस डीवा प्रतियोगिता में भाग लिया। वहां पर टॉप 20 में आईं। उसे जीत नहीं पाने से उन्‍हें काफी दुःख हुआ। क्‍योंकि इसके लिए उन्‍होंने काफी तैयारी की थी। उन्होंने कहा कि साल 2019 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में शिफ्ट हुई थीं। भारत की लड़की के लिए ऑस्ट्रेलिया में काफी अलग माहौल और स्‍ट्रगल रहा। उन्‍होंने महिलाओं और लड़कियों से कहा कि वे अपने लक्ष्‍य की ओर बढ़ने के लिए निरंतर लगे रहें। पहला कदम बहुत मुश्किल होता है। कोशिश करें और लगे रहें। जीत जरूर आपकी होगी।

मां ने कहा- शुरुआत से काफी महत्वाकांक्षी रही बेटी
अनुमेहा खाली समय में फोटो शूट, अभिनय और मॉडलिंग को वक्त देती हैं। प्रतियोगिता के दौरान जजों के सवालों के पूरे आत्मविश्वास से जवाब दिया। जजों के जवाब ने ही उन्हें दूसरे प्रतिभागियों से काफी आगे खड़ा कर दिया। वह सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। अनुमेहा की मां अर्चना सिंह ने बेटी की कामयाबी पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि वह हमेशा से महत्वाकांक्षी रही है। पढऩे-लिखने के साथ उसे बचपन से ही मॉ‍डलिंग का शौक रहा है। उसने माडलिंग समेत अन्य प्रतियोगिता में ढेरों पुरस्कार जीते हैं। वे बताती हैं कि जब अनुमेहा ने कॉल कर उन्‍हें इसके बारे में बताया तो उन्‍हें विश्वास हीं नहीं हुआ। वे उसकी इस उपलब्धि पर काफी खुश हैं।



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By Raj

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