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लखनऊएक घंटा पहले

यह फोटो लखनऊ में ईडी दफ्तर की है। गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी अपने वकील के साथ ईडी दफ्तर पहुंची हैं।

  • दो जुलाई की रात विकास दुबे ने अपने बिकरु गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की थी
  • 10 जुलाई को एसटीएफ के एनकाउंटर में मारा गया था विकास दुबे
  • विकास दुबे की अवैध संपत्तियों की जांच कर रही ईडी, प्रॉपर्टी के दस्तावेज लेकर ईडी दफ्तर पहुंची थी ऋचा दुबे

कानपुर के बिकरु गांव में दो जुलाई की रात गैंगस्टर विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर सीओ देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। पुलिस टीम विकास दुबे एक मामले में गिरफ्तार करने पहुंची थी। इस मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) काली कमाई से विकास दुबे द्वारा जुटाई गई संपत्ति की जांच कर रही है। बुधवार को ईडी ने विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे को तलब किया था और उनसे आठ घंटे तक पूछताछ की गई।

पूछताछ के बाद उनके वकील ने बताया कि मैडम को नोटिस मिली थी जिसके बाद वो आज यहां पूछताछ में शामिल होने के लिए आईं थीं। उनसे पूछताछ के दौरान मैं स्वयं वेटिंग रूम में बैठा रहा। इससे ज्यादा की जानकारी मैं नहीं दे सकता हूं।

ईडी ने ऋचा से बैंक डॉक्यूमेंट, इनकम टैक्स रिटर्न और प्रॉपर्टी के दस्तावेज मांगे थे। दरअसल, लंबी छानबीन के बाद ईडी ने 14 सितंबर को विकास दुबे और उसके खास साथी जय बाजपेयी समेत 36 आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। जय बाजपेयी, विकास दुबे का फाइनेंसर है। वर्तमान में वह जेल में बंद है। पुलिस ने जय बाजपेई की कानपुर में तीन अवैध संपत्तियों को कुर्क भी किया था।

विकास दुबे।- फाइल फोटो

विकास दुबे।- फाइल फोटो

अब तक विकास दुबे की 139 संपत्तियों का ब्यौरा ईडी को मिला

सूत्रों की मानें तो ईडी को अपनी जांच में अब तक विकास दुबे और उसके खास साथी जयकांत बाजपेयी से जुड़ी 139 संपत्तियों का ब्यौरा मिला है। इसके अलावा 13 बैंक खातों की भी अहम जानकारी हाथ लगी है। इन खातों से रुपए के लेनदेन हुए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि विकास दुबे ने सबसे अधिक गुमटी नंबर पांच निवासी एक युवक के नाम पर खरीदी थी। इनमें से कई पर अवैध कब्जा भी बताया जा रहा है। विकास दुबे के विदेश यात्राओं के रिकॉर्ड पर भी ईडी की नजर है।

क्या है कानपुर शूटआउट?

कानपुर के चौबेपुर थाना के बिकरु गांव में 2 जुलाई की रात गैंगस्टर विकास दुबे और उसकी गैंग ने 8 पुलिसवालों की हत्या कर दी थी। अगली सुबह से ही यूपी पुलिस विकास गैंग के सफाए में जुट गई। 9 जुलाई को उज्जैन के महाकाल मंदिर से सरेंडर के अंदाज में विकास की गिरफ्तारी हुई थी। 10 जुलाई की सुबह कानपुर से 17 किमी पहले पुलिस ने विकास को एनकाउंटर में मार गिराया था। विकास के अलावा उसके पांच अन्य साथी भी एनकाउंटर में मारे गए। पुलिस इस प्रकरण में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।



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By Raj

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