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लखनऊ6 घंटे पहले

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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वो बुधवार को सड़कों पर उतरकर बीेजेपी के सांसदों और विधायकों के आवासों का घेराव करें।

  • पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के दिन किसान आंदोलन के समर्थन में उतरेगी कांग्रेस

उत्तर प्रदेश में 23 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के दिन किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस के कार्यकर्ता भाजपा के सांसद-विधायक के आवास का घेराव करेंगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने सभी जिलों में कार्यकर्ताओं के लिए निर्देश जारी किया है। जिसके तहत कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेशव्यापी भाजपा के सांसदों और विधायकों के आवासों-कार्यालयों के घेराव किया जाएगा और किसान विरोधी तीनों काले कृषि कानूनों को वापस लिये जाने के लिए भाजपा के जनप्रतिनिधियों के आवास-कार्यालयों पर ताली, थाली बजाकर प्रदर्शन किया जायेगा।

प्रवक्ता प्रभाकर पांडेय का कहना है कि, प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू के नेतृत्व में कोरोना और नए कृषि कानूनों के पहले से किसानों के लिए जमीन पर काम कर रही थी कांग्रेस किसानों के इस कानून के आने के पहले ही फरवरी 2020 में उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने ‘किसान जनजागरण अभियान’ शुरू किया था।

इस अभियान के तहत कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने लगभग साढ़े सात लाख किसान परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानी थीं। इस पूरे अभियान में कांग्रेस ने किसानों के प्रति जैसी संवेदनशीलता दिखाई वो अतुलनीय है। ना तब नए कृषि कानून आए थे, ना ही महामारी और लॉकडाउन।

भूमि अधिग्रहण के खिलाफ भी लड़ रही है कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता प्रभाकर पांडेय का कहना है कि, सितंबर 2020 में योगी सरकार ने “विकास” दिखाने के लिए फैजाबाद में एयरपोर्ट और चौड़ी सड़कें चुनी, वो भी किसानों की भूमि की कीमत पर। फैजाबाद के किसान भूमि अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। उनके इस प्रदर्शन को बल देने और अपनी भागीदारी तय करने अजय कुमार ‘लल्लू’ भी पहुंचे। इसके बाद योगी सरकार ने वही किया जो वो हमेशा करते हैं। लल्लू जी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्होंने 28 दिन जेल में बिताए।

भारत बंद के दिन गिरफ्तार हुए थे कांग्रेस कार्यकर्ता
किसानों के आह्वान में कांग्रेस ने 8 दिसंबर को भारत बंद का पूरा समर्थन किया था। हर जिले में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को यूपी पुलिस ने सुबह सुबह ही नजरबंद कर दिया था जिसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर निकल कर गिरफ्तारियां दीं, जेल गए लेकिन किसानों के लिए आवाज़ उठाना बंद नहीं किया। जाहिर सी बात है यूपी सरकार और पुलिस को किसानों के हक में बात करने वालों से समस्या है, और वो भारतबंद के दिन स्पष्ट भी हुआ।



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By Raj

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