टॉप न्यूज़


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बांदा11 घंटे पहले

यह फोटो बांदा की है। किसान आंदोलन के समर्थन में कराया मुंडन।

  • बांदा में अहिंसात्मक तरीके से बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने कृषि कानूनों के खिलाफ जताया विरोध

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने किसानों को अपना समर्थन दिया। इस दौरान कई पदाधिकारियों ने अपने सिर का मुंडन कराकर अपना विरोध जताया। पदाधिकारियों ने कहा कि सिंधु और टिकरी बॉर्डर पर अब तक 11 किसान दम तोड़ चुके हैं। सरकार को गतिरोध का समाधान निकालना चाहिए। किसी भी आंदोलनकारी किसान की मौत न हो, इसके लिए बेहतर इंतजाम किया जाए।

किसानों के समझ में नहीं आ रहा कानून

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों के समझ में नए कृषि कानून नहीं आ रहे हैं। लॉकडाउन में भी भाजपा की सरकार में देश के करोड़ों मजदूर को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इन सब से देश की इकोनॉमी बढ़ी है और न ही देश में भाईचारा। पिछले 7 साल से देश हमारा गर्त की ओर जा रहा है। देश में बेरोजगारी, महंगाई, भुखमरी सब चरम सीमा पर है। लगभग 20 दिनों से देश के किसान टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर एक-एक कर अब तक 11 किसान आंदोलनकारी दम तोड़ चुके हैं। किसी के पेट या सीने में दर्द तो किसी के हादसे में जान गई है। सर्दी में आसमान तले बैठे किसान लगातार बीमार पड़ रहे हैं।

सरकार से उठाई ये मांग

बुंदेलखंड इंसाफ सेना सरकार से मांग करती है कि किसानों के धरने पर मौतों का सिलसिला रुकना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि किसान नेता और सरकार दोनों ही जल्द से जल्द गतिरोध से निकल कर समाधान की ओर बढ़ें। ताकि हमारा देश खुशहाली की ओर जा सके और किसी भी आंदोलनकारी किसान की मौत न हो सके तो देश हित में बेहतर होगा।



Source link

By Raj

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *