वाराणसी38 मिनट पहले

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वाराणसी में कार्पेट कंपनी के सुपरवाइजर द्वारा फांसी लगाए जाने के बाद मौके पर जुटे लोग।

  • मंडुवाडीह थाना क्षेत्र का मामला, फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए
  • मौके पर कोई सुसाइड नोट पुलिस को नहीं मिला है

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में बुधवार को एक कार्पेट कंपनी के सुपरवाइजर ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। हालांकि खुदकुशी के कारणों का पता नहीं चल सका है। परिवार काफी संपन्न है। पत्नी-बच्चों ने भी खुदकुशी की वजहों से अनभिज्ञता जाहिर की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

राजकुमार शुक्ला। -फाइल फोटो

राजकुमार शुक्ला। -फाइल फोटो

भदोही के रहने वाले थे राजकुमार

मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के शिवदासपुर निवासी राजकुमार शुक्ला (56 साल) ने करीब दो दशक पहले यहां अपना मकान बनवाया था। राजकुमार मूल रूप से भदोही जिले में औराई थाना क्षेत्र के नटवा गांव के रहने वाले थे।चांदपुर स्थित एक कार्पेट कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर तैनात थे। वे शिवदासपुर में पत्नी मीरा देवी और दो पुत्रों और एक पुत्री के साथ रहते थे। इनके पुत्र विजय और जय दिल्ली में इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। पुत्री सोनम की शादी हो चुकी है। बुधवार सुबह नायलॉन की रस्सी के सहारे राजकुमार का शव घर में लटकता मिला।

परिजन बोले- डिप्रेशन की दवा खाते थे

थाना प्रभारी महेंद्र प्रजापति ने बताया कि आत्महत्या की वजह नहीं पता चल पाई है। परिजनों को भी नही मालूम राजकुमार ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया है। परिजनों ने सिर्फ यह बताया कि वे डिप्रेशन की दवा लेते थे। मंगलवार रात खाना खाकर सो गए। भोर में जब पत्नी मीरा देवी ने इन्हें कमरे में नहीं देखा तो वह इन्हें खोजने लगी। जब वह प्रथम तल पर पहुंची तो उन्होंने देखा कि राजकुमार शुक्ला टीन शेड के बने कमरे में लोहे की एंगल से फांसी से लटक रहे थे।

मृतक अपने चार भाइयों में सबसे बड़ा था

यह देखते ही उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया। जिस पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाया। फोरेंसिक टीम जांच कर लौट गई। राजकुमार अपने 4 भाइयों में सबसे बड़े थे।



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By Raj

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