मथुरा4 मिनट पहले

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पांच अक्टूबर की रात पुलिस ने मांट टोल प्लाजा से चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके सहयोगी कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया था।

  • 5 अक्टूबर को हाथरस जाते समय मथुरा में मांट टोल प्लाजा से किया गया था गिरफ्तार
  • शांति भंग में हुआ था चालान, बाद में राजद्रोह समेत कई संगीन धाराएं लगाई गईं

उत्तर प्रदेश में दंगों की साजिश रचने के आरोप में मथुरा से गिरफ्तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) के चारों सदस्य बीते पांच अक्टूबर से जेल में बंद हैं। गुरुवार को एक सदस्य आलम की जमानत पर एडीजे-10 की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उसकी पेशी हुई। इसमें क्राइम ब्रांच ने जांच एसटीएफ को ट्रांसफर होने का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। कहा गया कि एसटीएफ साक्ष्य जुटाना चाहती है। इस पर अदालत ने एक हफ्ते का समय देते हुए 29 अक्टूबर तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी है। अदालत ने एसटीएफ को एक जांच अधिकारी नियुक्त करने और मामले से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी आलम की जमानत पर अब तक 29 अक्टूबर को सुनवाई होगी। वहीं, बहराइच के रहने वाले आरोपी मसूद की जमानत पर 28 अक्टूबर को अदालत अपना निर्णय लेगी। CJM कोर्ट ने बीते सोमवार को तीन सदस्यों की जमानत अर्जी खारिज करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी थी। इस दौरान पोर्टल पत्रकार केरल के सिद्दीकी कप्पन ने जमानत अर्जी दाखिल नहीं की थी।

अर्जी खारिज होने पर जिला जज की अदालत में पहुंचा मामला

PFI के चारों सदस्यों पर राष्ट्रद्रोह, गैर कानूनी गतिविधि और IT एक्ट की संगीन धाराओं में केस दर्ज है। सभी आरोपी जेल में बंद हैं। तीन आरोपी अतीकुर्रहमान, आलम और मसूद की जमानत के लिए सीजेएम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने बीते सोमवार को खारिज कर दिया था। इनमें से चौथे आरोपी पोर्टल पत्रकार केरल के सिद्दीकी कप्पन की जमानत अर्जी दाखिल नहीं की गई थी। CJM कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद तीनों आरोपी अतीकुर्रहमान, आलम और मसूद के अधिवक्ताओं ने जिला जज की कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी।

अब गिरफ्तारी मामले की जांच एसटीएफ करेगी
अभी तक PFI सदस्यों की गिरफ्तारी और हाथरस केस की आड़े में जातीय और सांप्रदायिक दंगे कराने की साजिश की जांच अब STF करेगी। अभी तक इस केस की जांच क्राइम ब्रांच कर रही थी, लेकिन बुधवार को गृह मंत्रालय के आदेश पर यह जांच STF (स्पेशल टास्क फोर्स) को ट्रांसफर कर दी गई है। सीओ क्राइम ब्रांच डीएस चौहान ने इसकी पुष्टि की है। STF वेबसाइट के जरिए विदेश से फंडिंग की परतें भी खंगालेगी। हालांकि, फंडिंग के केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है। चारों आरोपियों पर राजद्रोह समेत कई धाराओं में केस दर्ज है।

बुधवार को वायनाड में पत्रकार के परिवार से की थी मुलाकात

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी इन दिनों अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर हैं। बुधवार को उन्होंने दंगों के आरोपी पत्रकार सिद्दीकी कप्पन के परिवार से मुलाकात की थी। कहा गया कि परिवार ने राहुल गांधी से मदद की मांग की थी। वहीं, मथुरा में सिद्दीकी की जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं पैरवी कर रहे हैं और करीब 7 दिन पहले सिद्दीकी से मुलाकात के लिए अधिवक्ता जेल भी पहुंचे। लेकिन उन्हें सिद्दीकी से नहीं मिलने दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं ने जेल में मुलाकात की परमिशन के लिए CJM कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कोर्ट ने इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई नहीं की थी।



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By Raj

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