लखनऊ20 मिनट पहले

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इस भूमिगत पार्किंग में चोरी की गाड़ियां खड़ी होती थीं।

  • हजरतगंज स्थित मल्टी लेवल पार्किंग में लावारिस खड़ी मिली थीं कई गाड़ियां
  • एलडीए के एक कर्मी की तहरीर पर हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने की कार्रवाई

राजधानी लखनऊ में जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के वीसी का प्रभार संभालते ही बड़ी कार्रवाई की है। हजरतगंज स्थित मल्टी लेवल पार्किंग में चोरी की लग्जरी कारों के खड़े होने के मामले में शनिवार को पार्किंग के पूर्व ठेकेदार मुशर्रफ व उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश व धमकी देने के आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई कर एवं राजस्व निरीक्षक एलडीए राजेश कुमार यादव की तहरीर पर हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने की है।

अनुबंध खत्म होने के बावजूद हो रही थी वसूली

शिकायतकर्ता का कहना है कि एलडीए की सरोजनी नायडू भूमिगत पार्किंग स्टैंड का ठेका वित्तीय वर्ष 2019–2020 के लिए बाजार खाला के ऐशबाग रामनगर के रहने वाले मुशर्रफ को दिया गया था। नियमानुसार ठेके की अवधि 31 मार्च 2020 में समाप्त हो चुकी थी‚ लेकिन कोविड-19 की वजह से अनुबन्ध 31 जुलाई 2020 तक बढ़वा दिया गया था। अनुबन्ध समाप्त होने के बाद ठेकेदार को वाहनों के पार्किंग की धनराशि नहीं वसूल करनी थी‚ लेकिन ठेकेदार द्वारा 15 सितम्बर 2020 तक वसूली की जा रही थी। इस संबंध में उन्होंने एलडीए को सूचित नहीं किया।

चोरी की गाड़ियां खरीदने के आरोप में जेल जा चुका है ठेकेदार

एलडीए ने पार्किंग स्थल को अपने कब्जे में लिया। उसके बाद वहां खड़ी गाड़ियों की चेकिंग कराई गयी तो पता चला कि काफी संख्या में गाड़ियों को टोकन या पास जारी ही नहीं था। प्रकाश में आया कि ठेकेदार मुशर्रफ द्वारा अवैध रूप से कार बाजार का संचालन किया जा रहा था। कार बाजार के संचालन में मुइनुद्दीन उर्फ पप्पू निवासी खदरा थाना हसनगंज व अकरम निवासी हैदरगंज बाजारखाला उसके साथी थे। ये भी पता चला कि मोइनुद्दीन चोरी की लग्जरी कारें खरीदने व बेचने के मामले में थाना चिनहट से जेल जा चुका है। इस समय उसका काम अकरम देख रहा है। पार्किंग में मोइनुद्दीन उर्फ पप्पू व अकरम सात मंहगी गाड़ियां खड़ी कर रखी हैं‚ जिसमें दो बीएमडब्ल्यू‚ दो ऑडी‚ दो मर्सिडीज व एक कोरोला टोएटा शामिल है।

गायब मिली लग्जरी कार

जब गाड़ियों की जानकारी एलडीए व पुलिस के अधिकारियों को दी गयी तो 21 अक्टूबर 2020 को पुलिस अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो पाया कि मर्सिडीज कार गायब थी। पता चला कि कर्मचारियों की मिलीभगत से कार को पार्किंग से अकरम व मुशर्रफ निकाल ले गए हैं। इसके बाद एलडीए ने वहां खड़ी 19 गाड़ियों के सत्यापन के लिए हजरतगंज पुलिस को सूचित किया तो जांच में पता चला कि मोइनुद्दीन व उसके गैंग के लोग लग्जरी गाड़ियों के इंजन नम्बर व चेसिस नम्बर बदल कर बेच देते हैं।



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By Raj

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