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अमेठी4 घंटे पहले

सांसद के साथ अमेठी की नागरिक भी हुई स्मृति ईरानी।

  • स्मृति ईरानी ने मेदन मवई गांव की फूलमती से .134 हेक्टेयर जमीन खरीदा
  • कीमत 12 लाख छह हजार, मंत्री ने 12 लाख 11 हजार रुपए रजिस्‍ट्री के लिए दिए

उत्तर प्रदेश में गांधी परिवार का गढ़ रहे अमेठी में अब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपना आशियाना बनाएंगी। सोमवार को केंद्रीय मंत्री ने अमेठी पहुंचकर भूस्वामी फूलमती से साढ़े दस बिस्वा जमीन का 12 लाख रुपए में बैनामा कराया। यह जमीन शहर से करीब तीन किमी दूर रोहिणी पांडेय गांव के पास टिकरिया-मेदन मवई मार्ग के लिए जाने वाली सड़क पर बंद पड़े मदर डेयरी प्रोजेक्ट के सामने है।

इस दौरान स्मृति ईरानी ने गांधी परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि अमेठी के पूर्व सांसद, अमेठी में आज तक कभी घर बनाकर नहीं रहे। मैं आज तक अमेठी में किराये के मकान में रह रही थी, आज मेरा ये सौभाग्य ही है कि मैं यहां पर अपना घर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर पा रही हूं।

दीदी के घर में सभी को बुलाया जाएगा

स्मृति ईरानी ने कहा कि अब तक मेरा संसदीय कार्यकाल का दो साल भी पूरा नहीं हुआ है। तब भी इन डेढ़ साल में दिए हुए वचनों को पूरा कर पा रही हूं। मुझ पर प्रभु की असीम कृपा है। आज जमीन का रजिस्ट्रेशन कराया है। आशावादी हूं, बहुत ही जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा। गांव के सभी नागरिकों की अभिलाषा थी कि भूमि पूजन के दिन घर के उस प्रांगण में वो स्वयं पधार के आएं तो आज हमारे ग्रामीण अंचल के जो पदाधिकारी, कार्यकर्ता हैं वो सब मिलके एक तारीख सुनिश्चित करेंगे। जिसमें गांव के सभी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा और दीदी के घर का शिलान्यास जब होगा तो गांव के सभी लोग उसमें अपना सहयोग देंगे।

फूलमती से कराया जमीन का बैनामा। स्मृति ईरानी ने इससे पहले ही कुछ पैसे एडवांस में दिए थे।

फूलमती से कराया जमीन का बैनामा। स्मृति ईरानी ने इससे पहले ही कुछ पैसे एडवांस में दिए थे।

मुझे यहां की जनता का भरपूर आशीर्वाद मिला

स्मृति ईरानी ने ये भी कहा कि अमेठी का जितना प्रेम, आशीर्वाद मुझे मिला, उसके पीछे लोगों की मंशा ये थी की कम से कम सांसद जो है वो उपलब्ध रहे। कोरोना काल में हम न्याय पंचायत वार जिला प्रशासन के साथ ई-चौपाल लगा रहे थे। ताकि जनता को जिला मुख्यालय तक न आना पड़े। कोरोना से पहले मैं न्याय पंचायत वार दीदी आपके द्वार कार्यक्रम के माध्यम से जिला प्रशासन के साथ गांव-गांव जाती थी लेकिन जनता के मन में जो एक प्रश्न था की क्या अमेठी का कभी ऐसा सांसद होगा, जो गांव तक अपने संसदीय कार्यकाल में पहुंचेगा। मैं अपने आप को खुश नसीब समझती हूं कि मैं उस अभिलाषा को पूरा कर पाई हूं।



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By Raj

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