उज्जैन के महाबीर बाग कॉलोनी में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम करते समय करंट की चपेट में आने से पहले गोविंद की अपने भाई धर्मेंद्र से फोन पर बात हुई थी।