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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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रोनाल्डो को रेफरी का विरोध करने के लिए यलो कार्ड भी दिखाया गया। - Dainik Bhaskar

रोनाल्डो को रेफरी का विरोध करने के लिए यलो कार्ड भी दिखाया गया।

पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पिछले हफ्ते सर्बिया के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर मैच में अपने कप्तान के आर्म बैंड को गुस्से में मैदान पर ही फेंक दिया था। अब यही बैंड एक 6 महीने के बच्चे के लिए वरदान साबित होने वाला है। इस बैंड की नीलामी हुई और इससे करीब 55 लाख रुपए मिले हैं। इस रकम का इस्तेमाल एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चे के इलाज के लिए किया जाएगा।

रोनाल्डो आर्म बैंड फेंककर क्यों चले गए?
दरअसल पिछले हफ्ते पुर्तगाल की टीम वर्ल्ड कप क्वालिफायर के ग्रुप-A के मैच में बेलग्रेड में सर्बिया से भिड़ी थी। मैच में हाफ टाइम तक पुर्तगाल 2-0 से आगे था। सेकंड हाफ में सर्बिया ने 2 गोल दाग स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। अंतिम क्षणों में रोनाल्डो ने एक शानदार किक लगाई। रीप्ले में दिखा कि बॉल गोल पोस्ट के अंदर लाइन को पार कर गई थी। इसके बाद सर्बिया के एलेक्जेंडर मित्रोविच ने बॉल क्लियर की थी।

इसी गोल कर विवाद हुआ।

इसी गोल कर विवाद हुआ।

फायर फाइटर कर्मचारी को मिला रोनाल्डो का बैंड
हालांकि, रेफरी ने इसे गोल मानने से इंकार कर दिया। रेफरी का मानना था कि गेंद ने गोल लाइन क्रॉस नहीं की थी। मैच में वीडियो असिस्टेंट रेफरल (VAR) और गोल लाइन टेक्नोलॉजी नहीं थी। इस कारण रोनाल्डो ने रेफरी का विरोध भी किया। उन्हें यलो कार्ड भी दिखाया गया। मैदान से निकलते वक्त उन्होंने गुस्से में आर्म बैंड फेंक दिया। बाद में यह बैंड मैदान पर एक फायर फाइटर कर्मचारी जॉर्डजी वुकीकेविच को मिला।

स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी से जूझ रहे बच्चे का होगा इलाज
मैच के बाद वुकीकेविच ने कहा कि बैंड मेरे बगल में गिरा। मैंने इसे तुरंत उठा लिया और इसका इस्तेमाल चैरिटी के लिए करने का सोचा। हमें स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी से जूझ रहे 6 महीने के बच्चे गैवरिलो डुर्डेविच के बारे में पता चला। हमने बैंड की नीलामी कर इस बच्चे का इलाज कराने का सोचा।

रोनाल्डो (दाएं) को यलो कार्ड दिखाते रेफरी।

रोनाल्डो (दाएं) को यलो कार्ड दिखाते रेफरी।

इसके बाद स्पोर्ट्स चैनल स्पोर्टक्लब ने बैंड को वेरिफाई कर एक चैरिटी ऑर्गेनाइजेशन के साथ टीम अप किया। इसके साथ ही एक ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए नीलामी की। हालांकि, नीलामी में इकट्ठा की गई राशि बच्चे के उपचार के लिए आवश्यक राशि का केवल एक हिस्सा है, पर इससे उसके माता-पिता की उम्मीद जरूर जगी है।

इलाज के लिए 17 करोड़ रुपए की जरूरत
स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी एक ऐसी दुर्लभ बीमारी है जो 10 हजार बच्चों में एक बच्चे को होती है। इसके 90% केस में या तो बच्चे की मौत होती है या इलाज के लिए उसे 2 साल की उम्र से ही परमानेंट वेंटिलेशन पर रखना होता है। इसके इलाज में कम से कम 17 करोड़ रुपए की जरूरत होती है। गैवरिलो की मां नीवेना का कहना है कि नीलामी से मिली राशि से बच्चे के इलाज में बड़ी मदद मिलेगी।

बैंड एक फायर फाइटर कर्मचारी जॉर्डजी वुकीकेविच को मिला।

बैंड एक फायर फाइटर कर्मचारी जॉर्डजी वुकीकेविच को मिला।

ग्रुप-A में पुर्तगाल पहले नंबर पर
पुर्तगाल और सर्बिया का मैच ड्रॉ होने के बावजूद भी पॉइंट्स टेबल में कोई फर्क नहीं पड़ा। वर्ल्ड कप क्वालिफायर के ग्रुप-A में पुर्तगाल की टीम टेबल में टॉप पर बनी हुई है। उसके 3 मैच में 7 अंक हैं। वहीं, सर्बिया के भी 3 मैच में 7 पॉइंट हैं, लेकिन गोल डिफरेंस में पुर्तगाल की टीम आगे है। इस ग्रुप में लक्जमर्ग की टीम 3 अंक के साथ तीसरे, आयरलैंड चौथे और अजरबेजान 5वें नंबर पर है।

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By Raj

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