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मुंबई2 घंटे पहले

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IPL के पहले सीजन की चैम्पियन टीम राजस्थान रॉयल्स (RR) इस साल एकदम नए स्ट्रक्चर के साथ मैदान पर उतरेगी। पिछला 2 सीजन टीम के लिए बेहद खराब रहा था। टीम 2019 में 7वें और 2020 के सीजन में 8वें स्थान पर रही थी। इन दोनों सीजन में टीम की कप्तानी स्टीव स्मिथ कर रहे थे। खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें इस साल ऑक्शन से पहले न सिर्फ कप्तानी से हटाया गया, बल्कि स्क्वॉड से रिलीज भी कर दिया गया। RR को अपना पहला मैच 12 अप्रैल को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेलना है।

स्मिथ बैटिंग में भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके थे। इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने युवा बल्लेबाज संजू सैमसन को टीम की कमान सौंपी है। वहीं, फ्रेंचाइजी ने पूर्व कोच एंड्रूय मैक्डोनाल्ड को रिलीज कर श्रीलंका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज कुमार संगाकारा को टीम का नया डायरेक्टर बनाया है। इस सीजन के लिए राजस्थान रॉयल्स ने 16.25 करोड़ रुपए की IPL इतिहास की सबसे बड़ी बोली लगाते हुए साउथ अफ्रीकी ऑलराउंडर क्रिस मॉरिस को अपनी टीम में शामिल किया है।

मॉरिस को लाकर टीम मैनेजमेंट ने तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर के वर्क लोड को कम किया। पर टूर्नामेंट से ठीक पहले आर्चर की इंजरी टीम के लिए मुश्किल बन गई है। वे IPL से पूरी तरह बाहर नहीं हुए हैं, लेकिन टीम को शुरुआती कुछ मैचों में इस इंग्लिश तेज गेंदबाज के बिना ही उतरना पड़ेगा। आर्चर पिछले सीजन के मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर भी रहे थे। जानते हैं RR टीम की स्ट्रेंथ (Strength), कमजोरियों (Weaknesses​)​​​​​​, अवसरों (Opportunities) और उसके खतरों (Threats) के बारे में…

स्ट्रेंथ-1 : बैटिंग लाइनअप
राजस्थान की बैटिंग लाइनअप बेहद मजबूत है। टीम के पास जोस बटलर और बेन स्टोक्स जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं, जो अपने दम पर कोई भी मैच पलटने का माद्दा रखते हैं। वहीं, सैमसन IPL की खोज रहे हैं। उनके क्लासिक शॉट और बिग हिट लगाने की क्षमता के बारे में सब जानते हैं। मिडिल ऑर्डर में दो बिग हिटर डेविड मिलर और मॉरिस हैं।

इंग्लैंड के लियाम लिविंगस्टोन ने भारत के खिलाफ हाल ही में हुए टी-20 सीरीज में कुछ अच्छे शॉट लगाए थे। वे टीम के लिए एक अच्छे ऑलराउंडर साबित हो सकते हैं। इनके अलावा युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल भी पिछले सीजन में काफी कंसिस्टेंट रहे थे। रियान पराग और राहुल तेवतिया ने पिछले सीजन में कई अच्छी पार्टनरशिप कर टीम को अपने दम पर मैच जिताया था।

स्ट्रेंथ-2 बॉलिंग अटैक भी बैलेंस्ड
राजस्थान का बॉलिंग डिपार्टमेंट भी काफी बैलेंस्ड है। आर्चर की गैरमौजूदगी में टीम के पास मुस्तफिज़ुर रहमान जैसा डेथ ओवर स्पेशलिस्ट, टी-20 स्पेशलिस्ट एंड्रयू टाई, क्रिस मॉरिस और भारत के कार्तिक त्यागी जैसे तेज गेंदबाज हैं। वहीं, टीम के पास श्रेयस गोपाल, मयंक मार्कंडेय और मिस्ट्री स्पिनर केसी करियप्पा जैसे स्पिनर्स भी हैं।

टीम को अपने शुरुआती 5 मैच मुंबई में खेलने हैं। वहां, शुरुआत में गेंद हल्की स्विंग भी होती है। ऐसे में अगर बल्लेबाज औसत प्रदर्शन भी करते हैं, तो टीम के पास एक ऐसा बॉलिंग अटैक है जो किसी भी टोटल को डिफेंड कर सकता है।

स्ट्रेंथ-3 : कुमार संगाकारा की मौजूदगी
संगाकारा दुनिया के दिग्गज क्रिकेटर्स में से एक रहे हैं। उनकी कप्तानी में ही श्रीलंका की टीम 2011 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच सकी थी। 2014 के टी-20 वर्ल्ड कप विनिंग स्क्वॉड का भी वे हिस्सा रहे थे। उन्हें दुनिया के बेहतरीन कप्तानों और बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। ऐसे में उनके पास टीम को देने के लिए काफी अनुभव है।

कमजोरी

कंसिस्टेंसी: राजस्थान की सबसे बड़ी कमजोरी भारतीय खिलाड़ियों का कंसिस्टेंट परफॉर्म नहीं करना रहा है। कप्तान सैमसन पिछले कुछ सालों में लगातार 5 मैचों में अच्छी बल्लेबाजी करने में कामयाब नहीं हो सके हैं। टीम मैनेजमेंट ने 2018 में तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट को 11.5 करोड़ रुपए में खरीदा था। हालांकि उनकी गेंदबाजी बेहद खराब रही है। अहम मौकों पर उन्होंने काफी रन लुटाए हैं।

यंगस्टर्स पर प्रेशर: बल्लेबाज मनन वोहरा कुछ मौकों पर ही अच्छी बल्लेबाजी कर सके हैं। ऐसे में टीम का सारा दबाव युवा बल्लेबाज पराग, यशस्वी और तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी पर आ जाता है। हालांकि उन्होंने कई अहम मौके पर टीम के लिए अच्छा परफॉर्म किया और खुद को साबित किया।

अवसर

  • सैमसन का फॉर्म और उनकी कंसिस्टेंसी पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। इसी वजह से उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज में मौका मिलने के बाद भी इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में जगह नहीं मिली। सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन ने इसका फायदा उठाकर इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में अच्छी बल्लेबाजी की। अक्टूबर में टी-20 वर्ल्ड कप होना है। ऐसे में सैमसन के पास IPL में अच्छा परफॉर्म कर टीम में जगह बनाने का अच्छा मौका है।
  • राहुल तेवतिया ने पिछले सीजन में अपनी ऑलराउंड क्षमता से सभी को प्रभावित किया था। इस वजह से इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में उन्हें टी-20 स्क्वॉड में शामिल किया गया था। हालांकि, फिटनेस की वजह से वे प्लेइंग-11 में शामिल नहीं हो सके। तेवतिया एक बार फिर अच्छा प्रदर्शन कर टी-20 वर्ल्ड कप के स्क्वॉड में खुद की जगह पक्की करना चाहेंगे।
  • युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल काफी समय से घरेलू क्रिकेट में कंसिस्टेंट परफॉर्मर रहे हैं। ऐसे में एक और सीजन में शानदार परफॉर्मेंस के जरिए वे नेशनल टीम में सिलेक्ट होने का मौका नहीं खोना चाहते।

खतरा

  • सैमसन पहली बार IPL में कप्तानी करते नजर आएंगे। बल्लेबाजी में इनकंसिस्टेंसी और इसके साथ कप्तानी का रोल टीम के लिए बैकफायर भी हो सकता है। इस साल वे पहले की तरह अब तक खुलकर नहीं खेल सके हैं। अहम मौके पर अनुभव की कमी भी टीम के लिए खतरा हो सकती है।
  • टीम पिछले सीजन में इंडिविजुअल परफॉर्मेंस के दम पर कुछ मैच जीतने में कामयाब रही थी। टीम को ट्रॉफी जीतने के लिए एक टीम के रूप में अच्छा परफॉर्म करना ही होगा।
  • टीम गेंदबाजी में पिछले कुछ सीजन में आर्चर पर निर्भर रही है। ऐसे में टीम चाहेगी कि आर्चर जल्द से जल्द वापसी कर टीम के पेस अटैक को लीड करें।

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By Raj

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