दुबई30 मिनट पहले

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IPL-13 में विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में शुक्रवार को एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के साथ भिड़ेगी। कोहली ने कहा है कि बायो-बबल में रहने से खिलाड़ियों के मानसिक स्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा होनी चाहिए।

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि टूर्नामेंट की लंबी अवधि को कम करने पर विचार किया जाना चाहिए। क्योंकि बायो- बबल में खिलाड़ियों के मानसिक स्थिति पर ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है। कोहली ने रॉयल चैलेंजर्स की टीवी से बातचीत में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि बायो-बबल में सभी एक साथ हैं। यह अच्छी बात है। टीम मैनेजमेंट की ओर से भी यहां पर हर प्रकार की सुविधा दी गई है। स्विमिंग पूल, इंडोर गेम्स आदि सभी सुविधाएं हैं। लेकिन ये सभी चीजें मानसिक तनाव को कम करने में सहायक हो सकती हैं, लेकिन ये तनाव को खत्म नहीं कर सकती हैं। एक समय के बाद बायो- बबल में रहना कठिन होने लगता है, क्योंकि चीजें रिपीट होने लगती है।

कोहली- बायो बबल और मेंटल वेलनेस चर चर्चा हो

उन्होंने कहा”इसलिए हम चाहते हैं कि मेंटल वेलनेस और बायो- बबल को लेकर हमेशा चर्चा होनी चाहिए। बायो-बबल कितने दिनों के लिए बेहतर होगा। कितने दिनों की सीरीज हो। 80 दिनों तक एक ही वातावरण में रहने से खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्हें लिमिटेड जगहों तक ही सीमित रहना होता है।ऐसे में वह कैसे मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। इस पर गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है।

दुबई से ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होंगे भारतीय खिलाड़ी

आईपीएल-13 में राॅयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम एलिमिनेटर में शुक्रवार को सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के साथ भिड़ेगी। तब तक अन्य सहयोगी स्टाफ के साथ उनके बायो-बबल में रहते हुए 75 दिन हो जाएंगे। आईपीएल खत्म होने के बाद खिलाड़ी दुबई से ही ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो जाएंगे। टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ और टेस्ट स्पेशलिस्ट भी दुबई में क्वारेंटाइन पीरियड पूरा करके टीम के साथ जुड़ जाएंगे।

5 महीने तक घर से दूर रहेंगे भारतीय खिलाड़ी

ऑस्ट्रेलिया टूर फरवरी में खत्म होगा। ऐसे में खिलाड़ियों के घर से दूर रहते हुए करीब 5 महीने हो जाएंगे। हालांंकि बीसीसीआई की ओर से खिलाड़ियों को अपने परिवार को साथ ले जाने की अनुमति देना भरोसा दिया गया है।

सैम कुरेन भी उठा चुके हैं सवाल

सैम कुरेन ने भी बायो -बबल में खिलाड़ियों के मानसिक स्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सवाल उठा चुके हैं। सैम कुरेन चेन्नई सुपर किंग्स की टीम के हिस्सा थे। उन्होंने कहा था कि बायो-बबल में ज्यादा दिन रहने से मानसिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम से अपना नाम वापस ले सकते हैं।



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By Raj

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