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मुंबईएक घंटा पहले

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पंजाब की टीम ने इस IPL से पहले अपने नाम में बदलाव किया। टीम अब किंग्स 11 पंजाब से पंजाब किंग्स बन गई है। पर सवाल यह उठता है कि अब तक खिताब नहीं जीत सकी पंजाब की टीम क्या इस बार सच में किंग बन पाएगी? टीम के पास पिछले सीजन में डेथ ओवर में मोहम्मद शमी के अलावा कोई अच्छा गेंदबाज नहीं था। यही वजह रही कि टीम ने इस साल ऑक्शन में 2 डेथ ओवर स्पेशलिस्ट गेंदबाज खरीदे।

जे रिचर्डसन और राइली मेरिडिथ के आने से यह डिपार्टमेंट तो मजबूत हो गया, लेकिन स्पिन अब भी टीम के लिए चिंता का विषय है। टीम के पास स्पिन में सिर्फ मुरुगन अश्विन और रवि बिश्नोई ही मौजूद हैं। इनमें से किसी एक के चोटिल होने पर टीम के पास कोई बैकअप नहीं है। पिछले सीजन में पंजाब की टीम छठे स्थान पर रही थी। टीम ने शुरुआती लीग राउंड में हारने के बाद वापसी की और लगातार 5 मैच जीते।

कंट्रोवर्सी ने भी इस टीम को 13वें सीजन में प्लेऑफ में पहुंचने से रोक दिया। मिडिल ऑर्डर का फॉर्म में न होना भी चिंता का विषय रहा। पंजाब इस अपने अभियान की शुरुआत 12 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ करेगी। जानते हैं RR टीम की स्ट्रेंथ (Strength), कमजोरियों (Weaknesses​)​​​​​​, अवसरों (Opportunities) और उसके खतरों (Threats) के बारे में…

स्ट्रेंथ-1: टॉप बैटिंग ऑर्डर मजबूत
पंजाब की टीम के पास IPL की सबसे मजबूत बैटिंग लाइनअप है। टीम में पिछले सीजन के औरेंज कैप विजेता लोकेश राहुल और मयंक अग्रवाल जैसे ओपनर्स हैं। इसके बाद यूनिवर्सल बॉस क्रिस गेल बैटिंग के लिए आएंगे। जरूरत पड़ी तो इसे रोटेट भी किया जा सकता है। गेल को पिछले सीजन में कुछ मैच में रेस्ट दिया गया था। इसके बाद वापसी कर उन्होंने 7 मैच में 137.14 के स्ट्राइक रेट से 288 रन बनाए थे।

मिडिल ऑर्डर में विकेटकीपर बैट्समैन निकोलस पूरन चौथे नंबर पर अपनी आक्रमक बल्लेबाजी से किसी भी गेंदबाज की लाइन-लेंथ बिगाड़ सकते हैं। फ्रेंचाइजी ने गेल के बैकअप के तौर पर दुनिया के नंबर-1 टी-20 बैट्समैन डेविड मलान को भी इस साल ऑक्शन में खरीदा।

स्ट्रेंथ-2: अच्छे ऑलराउंडर्स की मौजूदगी
मैक्सवेल को रिलीज करने के बाद टीम ने मोइसेस हेनरिक्स और शाहरुख खान के रूप में 2 ऑलराउंडर खरीदे हैं। टीम के पास दीपक हूडा के रूप में पावरफुल हिटर भी है। टीम में उनकी जिम्मेदारी मैच फिनिशर की है। फैबियन एलन के रूप में मैनेजमेंट के पास एक और ऑलराउंड खिलाड़ी का भी ऑप्शन है। एलन ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ आखिरी बॉल पर सिक्स लगाकर मैच जिताया था।

स्ट्रेंथ-3: डेथ ओवर्स स्पेशलिस्ट गेंदबाज
फ्रेंचाइजी ने इस साल रिचर्डसन और मेरिडिथ के रूप में 2 बेहतरीन पेस बॉलर्स खरीदे। रिचर्डसन ऑस्ट्रेलिया के बिग बैश लीग में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। वहीं, शमी के रूप में टीम के पास पहले ही एक स्पेशलिस्ट पेस बॉलर मौजूद है। शमी ने पिछले सीजन में 2 सुपर ओवर फेंके थे और दोनों मैच अपनी टीम को जिताए थे। जॉर्डन के रूप में टीम के पास एक और डेथ ओवर स्पेशलिस्ट है।

कमजोरी
क्वालिटी स्पिनर्स की गैरमौजूदगी
पंजाब के लिए सबसे बड़ी कमजोरी उनका स्पिन डिपार्टमेंट है। टीम ने इस साल ऑक्शन से पहले कृष्णप्पा गौतम को रिलीज किया था। गौतम इस साल ऑक्शन में बिकने वाले IPL इतिहास के सबसे महंगे अनकैप्ड प्लेयर बन गए। उन्हें CSK ने खरीदा। टीम के पास एम अश्विन और बिश्नोई के अलावा कोई क्वालिटी स्पिनर नहीं है।

जलज सक्सेना के पास घरेलू क्रिकेट का काफी अनुभव है, लेकिन IPL में एक्सपीरियंस की कमी से टीम को नुकसान हो सकता है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में जलज ने 10 विकेट लिए थे। उनका इकोनॉमी रेट भी 6.26 का रहा था। पर यह देखने वाली बात होगी कि टीम मैनेजमेंट उन्हें मौका देती है या नहीं। इंटरनेशनल लेवल के क्वालिटी स्पिनर्स की गैरमौजूदगी टीम के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है। साथ ही शमी के अलावा टीम के पास भारत का कोई सीनियर तेज गेंदबाज नहीं है।

अवसर

  • पंजाब की टीम ने अब तक कोई भी खिताब नहीं जीता है। टीम के पास इस साल ट्रॉफी जीतने के लिए लगभग सभी हथियार मौजूद हैं। कप्तान राहुल के पास इस साल खिताब जीतने का सबसे अच्छा मौका है।
  • राहुल हाल ही में हुए इंग्लैंड सीरीज में टी-20 मैचों में खराब प्रदर्शन की वजह से आलोचकों के निशाने पर रहे थे। हालांकि, वनडे में उन्होंने वापसी की। अक्टूबर में टी-20 वर्ल्ड कप को देखते हुए उनके पास तैयारी का अच्छा मौका है।
  • रवि बिश्नोई ने पिछले सीजन में अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया था। युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव फिलहाल टीम इंडिया के टी-20 स्क्वॉड से बाहर हैं। ऐसे में बिश्नोई अच्छा प्रदर्शन कर इस मौके का फायदा उठाना चाहेंगे।

खतरा
शमी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोटिल हो गए थे। इसके बाद से 4 महीने से उन्होंने कोई क्रिकेट मैच नहीं खेला है। नेशनल टीम के वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए, यह देखने वाली बात होगी कि क्या वह सभी मैच खेल पाएंगे या नहीं। पिछले सीजन में उन्होंने 20 विकेट लिए थे। टीम की परफॉर्मेंस काफी हद तक उनकी गेंदबाजी पर निर्भर करेगा।

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By Raj

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