भूकंप के 91 घंटे बाद 4 साल की बच्ची को मलबे से निकाला, मेयर बोले- करिश्मा होते देखा


अंकारा18 मिनट पहले

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बचाई गई बच्ची का नाम आयदा है। यह तुर्की में एक प्रचलित नाम है। इसके मायने होते हैं चांद से उतरी।

तुर्की में भूकंप के 91 घंटे बाद 4 साल की बच्ची को इमारत के मलबे से जिंदा निकाला गया है। ये इमारत भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित इजमिर शहर की थी। इजमिर के मेयर ट्यून्क सोयेर ने कहा कि 91वें घंटे में हमने एक करिश्मा होते देखा है। रेस्क्यू टीम ने 4 साल की आयदा को बचा लिया है। हम बहुत ज्यादा दुख में हैं, उसके साथ ही हमें खुशी का ये पल भी मिला है।

रेस्क्यू टीम को देखकर हाथ हिलाया

आयदा को थर्मल ब्लैंकेट में लपेटकर अस्पताल ले जाया गया।

आयदा को थर्मल ब्लैंकेट में लपेटकर अस्पताल ले जाया गया।

बचाई गई बच्ची का नाम आयदा है। यह तुर्की में एक प्रचलित नाम है। इसके मायने होते हैं चांद से उतरी। आयदा को थर्मल ब्लैंकेट में लपेटकर एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। रेस्क्यू टीम को देखकर बच्ची ने हाथ हिलाया। बच्ची को रेस्क्यू करने वाले नुसरत अक्सोय ने कहा कि हमने एक बच्ची के रोने की आवाज सुनी। इसके बाद जब हमने उसे ढूंढा तो वो एक डिश वॉशर के पास हमें दिखाई दी। उसने हमें देखा तो हाथ हिलाया। वह अब ठीक है। एक दिन पहले ही इजमिर की ही एक इमारत के मलबे से 3 साल की बच्ची को बचाया गया था।

मरने वालों का आंकड़ा 100 के पार

तुर्की में 30 अक्टूबर को भूकंप के तगड़े झटके आए थे। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 7 थी। यहां मृतकों का आंकड़ा 102 हो गया है और 994 लोग घायल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इजमिर में अभी 5 इमारतों में रेस्क्यू का काम जारी है। यहां लापता हुए लोगों की संख्या भी अभी पता नहीं चल पाई है। तुर्की में 3500 टेंट लगाए गए हैं और 13 हजार बिस्तर तैयार किए गए हैं ताकि बेघर हो चुके लोगों को आसरा दिया जा सके।



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By Raj

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