भास्कर एक्सक्लूसिव: इस 'गुजराती वैक्सीन' पर दुनिया की नजर, हमारी सेफ्टी के लिए 24 घंटे काम कर रहे 300 वैज्ञानिक


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अहमदाबाद8 मिनट पहले

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  • अहमदाबाद के पास चांगोदर में स्थित जायडस रिसर्च सेंटर में बन रही वैक्सीन
  • गुजरात की फार्मा कंपनी जायडस का नाम दुनिया में मशहूर

कोरोना वैक्सीन के रिसर्च और डेवलपमेंट की जानकारी लेने के लिए 28 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में जायडस बायोटेक पार्क का दौरा किया था। इसके बाद से ही जायडस की जायकोव-डी (Zycov-D) वैक्सीन पर दुनिया की नजर टिकी हैं। अहमदाबाद के पास चांगोदर स्थित जायडस रिसर्च सेंटर में बन रही वैक्सीन किस तरह तैयार हो रही है और वैज्ञानिक किन हालात में इसे तैयार कर रहे हैं, दैनिक भास्कर ने इन सभी बातों की जानकारी जायडस से ली।

किस तरह की शुरुआत?
वैक्सीन डेवलपमेंट में गुजरात की इस फार्मा कंपनी जायडस का नाम दुनिया में मशहूर है। यह कंपनी स्वाइन फ्लू, हैपेटाइटिस-बी और रूबेला जैसी जानलेवा बीमारियों के वैक्सीन तैयार कर चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा कोरोना को महामारी घोषित करने के बाद जायडस इसकी वैक्सीन तैयार करने में जुट गई थी।

चेयरमैन पंकज पटेल और एमडी शर्विल पटेल की लीडरशिप में कंपनी ने 3 पॉइंट्स पर फोकस किया

  • वैक्सीन बनाने का फॉर्मूला, टेक्नोलॉजी और उपकरणों से लेकर हर स्तर पर लेटेस्ट और वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल।
  • वैक्सीन की लागत कम के कम किस तरह हो, ताकि यह किफायती दाम पर उपलब्ध हो और सभी लोगों तक पहुंच सके।
  • वैक्सीन स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन भारत के वातावरण के हिसाब से हो।

इसके बाद सरकार की मंजूरी की प्रक्रिया शुरू हुई। जायडस ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI), विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (DBT), इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) समेत कई सरकारी-निजी संस्थाओं के साथ विचार विमर्श किया।

इसके बाद वैक्सीन का फॉर्मूला तय किया गया। वैक्सीन बनाने का अनुभव काफी काम आया। फरवरी से वैक्सीन बनाने की शुरुआत की।

जायडस के चेयरमैन पंकज पटेल और एमडी शर्विल पटेल

जायडस के चेयरमैन पंकज पटेल और एमडी शर्विल पटेल

क्यों ‘गुजराती वैक्सीन’ पर सबकी नजर?

  • वैक्सीन डेवलपमेंट की शुरुआत से ही जायडस ने इसके असर के अलावा कीमत और खासतौर पर स्टोरेज-ट्रांसपोर्टेशन पर फोकस किया।
  • जायकोव-डी वैक्सीन 30 डिग्री तापमान में भी 3 महीनों तक असरदार रह सकती है। 2 से 8 डिग्री तापमान पर स्टोर करने पर इसे 3 महीने से ज्यादा स्टोर किया जा सकता है।
  • भारत के वातावरण (मौसम) के हिसाब से तैयार होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे देशभर में कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है।

वैज्ञानिकों की मेहनत
– जायडस की इस वैक्सीन को करीब 1400 वैज्ञानिक तैयार कर रहे हैं। 300 वैज्ञानिकों की टीम तो 10 महीनों से दिन-रात काम कर रही है। घर-परिवार की फिक्र छोड़ ये टीम पूरा वक्त बायो पार्क में ही दे रही है। मकसद ये है कि वैक्सीन जल्द से जल्द लोगों तक पहुंचे।

– गुजरात में बन रही ये वैक्सीन भारत की सबसे पहली DNA आधारित कोरोना वैक्सीन है।

अहमदाबाद के पास चांगोदर में स्थित जायडस रिसर्च सेंटर।

अहमदाबाद के पास चांगोदर में स्थित जायडस रिसर्च सेंटर।

क्या है वैक्सीन का फॉर्मूला?
– किसी भी वैक्सीन में वायरस DNA स्थापित करने के लिए एक माध्यम की जरूरत पड़ती है। इसी के जरिए मानव शरीर के लिए हानिकारकरहित बैक्टीरिया DNA का इस्तेमाल होता है।
– बैक्टीरिया का DNA प्लाज्मीड कहलाता है। इसीलिए यह वैक्सीन DNA प्लाज्मीड बेस्ड है।
– प्लाज्मीड के DNA को तोड़कर उसमें कोरोना वायरस का DNA प्लांट किया गया है।
– यही प्लाज्मीड शरीर में पहुंचने के बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा कर देगा।
– वैक्सीन लेबोरेटरी में कई जटिल प्रयोगों से गुजर रही है। इसके लिए काफी सतर्कता बरती जा रही है।

जायडस के बारे में जानिए
भारत की फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में जायडस जाना पहचाना नाम है। जब इसने कोरोनावायरस वैक्सीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट शुरू किया तो दुनिया में चर्चा होने लगी। कंपनी की शुरुआत 1952 में स्व. रमणभाई बी पटेल ने की थी। उनके बाद कमान पंकजभाई पटेल के हाथों में आई। 1995 में कंपनी की रिस्ट्रक्चरिंग की गई। जायडस ग्रुप की फ्लैगशिप के तहत इसका नाम कैडिला हेल्थ केयर कर दिया गया। उस समय कंपनी का रेवेन्यू 250 करोड़ रुपए था। आज यह करीब 15 हजार करोड़ है।

– भारत की चौथी सबसे बड़ी फार्मास्यूटिकल कंपनी। – गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम में मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स। – अमेरिका, यूरोप, लैटिन अमेरिका और साउथ अफ्रीका सहित दुनिया के 25 से अधिक देशों में कारोबार। – कोरोना के इलाज में उपयोग होने वाली हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) और रेमडेसेविर भी ये कंपनी तैयार कर रही है। – चालू वित्तीय वर्ष के दौरान लिस्टेड कंपनी केडिला हेल्थकेयर के शेयर 50% और जायडस वेलनेस के शेयर 30% बढ़े हैं। – कंपनी एनिमल हेल्थ केयर से भी जुड़ी है।



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By Raj

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