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नई दिल्ली2 मिनट पहले

कोरोना की स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ 9वीं बार मीटिंग की। पिछली बार 23 सितंबर 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की थी।

कोरोना पर मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा में मोदी ने कहा कि अभी वैक्सीन की कीमत और डोज तय नहीं है। इस पर काम चल रहा है और व्यवस्था के तहत ही ये आएगी। हमें यह निश्चित करना है कि यह सबसे निचले पायदान तक पहुंचे। हमें कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लापरवाही नहीं बरतनी है। हम मुश्किल के गहरे समुद्र से निकलकर किनारे की तरफ निकल रहे हैं। कहीं ऐसा न हो कि हमारी कश्ती वहीं डूबे, जहां पानी कम था। हमें ऐसा नहीं होना। कोरोना काल में मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ ये 9वीं बैठक है।

फैटिलिटी रेट 1% के दायरे में लाना है
RTPCR टेस्ट का दायरा बढ़ना चाहिए। गांव के हेल्थ सेंटर्स को ज्यादा ध्यान देना होगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑक्सीजन जैसी चीजें ठीक रहें। जागरूकता अभियानों में कोई कमी ना आए। वैक्सीन की रिसर्च आखिरी दौर में पहुंची है। भारत सरकार हर डेवलपमेंट पर बारीकी से नजर रख रही है। अभी यह तय नहीं है कि वैक्सीन की एक डोज होगी, दो डोज होगी। कीमत भी तय नहीं है। इन सवालों के जवाब हमारे पास नहीं हैं। जो वैक्सीन बनाने वाले हैं, कॉरपोरेट वर्ल्ड का भी कंपटीशन है। हम इंडियन डेवलपर्स और दूसरे मैन्युफैक्चरर्स के साथ भी काम रहे हैं।

वैक्सीन आने के बाद यही प्राथमिकता हो कि सभी तक पहुंचे। अभियान बड़ा होगा और लंबा चलने वाला है। हमें एकजुट होकर एक टीम के रूप में काम करना ही पड़ेगा। वैक्सीन को लेकर भारत के पास जैसा अनुभव है, वो बड़े-बड़े देशों को नहीं। भारत जो भी वैक्सीन देगा, वो वैज्ञानिक तौर पर खरी होगी। वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन राज्यों के साथ मिलकर खाका रखा गया है। फिर भी ये निर्णय तो हम सब मिलकर करेंगे।

मोदी ने कहा कि एक समय था कि अंजान ताकत से लड़ने की चुनौती थी। देश के संगठित प्रयासों से इसका सामना किया गया। नुकसान कम से कम रखा गया। रिकवरी और फैटेलिटी रेट के मामले में भारत संभली हुई स्थिति में है। टेस्टिंग और ट्रीटमेंट का बहुत बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। पीएम केयर्स के माध्यम से ऑक्सीजन और वेंटीलेटर्स उपलब्ध कराने पर जोर है।

मोदी ने बताए कोरोना के चार चरण
मोदी ने कहा कि कोरोना के 8-10 अनुभवों के आधार पर देश के पास पर्याप्त डेटा है। आगे की रणनीति बनाते समय बीते कुछ महीनों के दौरान रिस्पॉन्स और रिएक्शन को भी समझना होगा। कोरोना के दौरान भारत के लोगों का व्यवहार भी अलग-अलग चरणों में अलग-अलग रहा है।

पहले चरण में डर था। दूसरे चरण में भय के साथ संदेह भी जुड़ा। बीमारी की वजह से समाज से कटने का डर भी लगने लगा। लोग संक्रमण को छिपाने लगे। उससे भी हम बाहर आए। तीसरे चरण में काफी हद तक समझने लगे और संक्रमण को बताने लगे। आसपास लोगों को समझाने लगे। गंभीरता भी आने लगी।

चौथे चरण में कोरोना से रिकवरी का रेट बढ़ा तो लोगों को लगा कि वायरस कमजोर हो गया, नुकसान नहीं कर रहा है। बीमार हो भी गए तो ठीक हो जाएंगे, इसकी वजह से इस स्टेज में लापरवाही बढ़ गई है। त्योहारों से पहले मैंने हाथ जोड़कर प्रार्थना की थी कि कोई दवाई-वैक्सीन नहीं है और आप ढिलाई मत बरतिए। चौथे चरण में जो गलती की हैं, हमें उन्हें सुधारना होगा। हमें तो कोरोना पर ही फोकस करना है।
ध्यान रखना है कि कश्ती किनारे पर न डूबे
पीएम मोदी ने कहा कि अब हमारे पास टीम तैयार है। जो-जो चीज तैयार करें, उसे इम्प्लीमेंट करें। कोरोना न बढ़े और कोई गड़बड़ न हो। आपदा के गहरे समुद्र से निकलकर हम किनारे की तरफ बढ़ रहे हैं। उस शायरी की तरह स्थिति न न हो जाए कि हमारी कश्ती वहां डूबी, जहां पानी कम था। यह स्थिति नहीं आने देनी है हमें। हमें ट्रांसमिशन को कम करने के लिए अपने प्रयासों को और गति देनी होगी। पॉजिटिविटी रेट को 5% के दायरे में लाना ही होगा।

हरियाणा सीएम ने कहा- चार फेज में होगा वैक्सीनेशन

बैठक के बाद हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि हमें वैक्सीन को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि एक बार में सभी को वैक्सीन देना मुमकिन नहीं है।

मीटिंग के बारे में खट्टर ने कहा- पहले फेज में हेल्थकेयर पर्सन और उन लोगों को वैक्सीन दी जाएगी, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। दूसरे फेज में जरूरी सेवाएं दे रहे लोगों को और फिर इसके बाद 2 फेज में उम्र के हिसाब से वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन किया जाएगा।

बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हम वैक्सीन को जल्द से जल्द लोगों तक पहुंचाने के लिए केंद्र और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। पश्चिम बंगाल में कोरोना से सही तरीके से निपट रहे हैं। चर्चा भले कोरोना पर हो रही थी, लेकिन ममता ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के बकाया पेमेंट का मुद्दा भी उठाया।

मीटिंग में गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन भी मौजूद थे। कई राज्यों में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह मीटिंग अहम है। देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 91.77 लाख के पार पहुंच चुका है।

मीटिंग में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर के पीक में 10 नवंबर को 8600 केस आए थे। लेकिन, उसके बाद से संक्रमण के मामलों और पॉजिटिविटी रेट में लगातार कमी आ रही है। तीसरी लहर में पराली जलाने से फैले प्रदूषण जैसी वजहों से भी स्थिति गंभीर हुई।

वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन की स्ट्रैटजी पर चर्चा
देश में 5 वैक्सीन डेवलपमेंट के एडवांस स्टेज में हैं। इनमें से 4 फेज-2 या फेज-3 में हैं। आज की मीटिंग में वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन की स्ट्रैटजी पर चर्चा की गई। सरकार ने इस बारे में काम शुरू कर दिया है कि कोरोना वैक्सीन बाजार में आने के बाद इसका तेजी से और प्रभावी डिस्ट्रीब्यूशन कैसे किया जाएगा।

अपडेट्स

  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री को बताया कि वे सीरम इंस्टीट्यूट के CEO अदार पूनावाला से लगातार कॉन्टैक्ट में हैं। वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन समय पर हो सके, इसके लिए टास्क फोर्स भी बनाई गई है।
  • केजरीवाल ने पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री से दखल देने की मांग की है। साथ ही कोरोना की तीसरी लहर खत्म होने तक केंद्र सरकार के अस्पतालों में 1000 अतिरिक्त ICU बेड रिजर्व रखने की अपील भी की है।

मीटिंग में कौन-कौन मुख्यमंत्री शामिल?
ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल
उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र
अरविंद केजरीवाल, दिल्ली
अशोक गहलोत, राजस्थान
विजय रूपाणी, गुजरात
भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़
मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा

कोरोना पर मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ 9वीं बैठक
देश में 25 मार्च को लॉकडाउन लगने के बाद से प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ यह 9वीं बैठक है। पिछली बैठक 23 सितंबर को हुई थी। उस मीटिंग में 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की गई थी।

पिछली 8 मीटिंग कब-कब हुईं, तब क्या स्थिति थी?

मीटिंग की तारीख क्या चर्चा हुई कोरोना के केस कोरोना से मौतें
20 मार्च मोदी ने सोशल डिस्टेंसिंग और 22 मार्च के जनता कर्फ्यू पर फोकस किया। 249 5
2 अप्रैल 9 मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा हुई। मोदी ने कहा- लॉकडाउन के बाद धीरे-धीरे छूट देना ही बेहतर होगा। 2,543 72
11 अप्रैल लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने पर सहमति बनी। मीटिंग में शामिल 10 मुख्यमंत्रियों ने समर्थन किया। 8,446 288
27 अप्रैल हॉटस्पॉट के बाहर 4 मई को लॉकडाउन खोलने पर सहमति बनी। पांच राज्य 3 मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाने के फेवर में थे। 29,451 939
11 मई मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा- 15 मई तक बताएं कि अपने राज्य में कैसा लॉकडाउन चाहते हैं। 70,768 2,294
16-17 जून प्रधानमंत्री ने कोरोना से बचाव के तरीकों, लॉकडाउन के असर, अनलॉक-1, इकोनॉमी और रिफॉर्म्स की बात की। 3,67,263 12,262
18 अगस्त मोदी ने कहा कि 72 घंटे के फॉर्मूले पर बात की। उन्होंने कहा कि 72 घंटे में संक्रमित व्यक्ति के आस-पास वालों की भी टेस्टिंग हो जानी चाहिए। 2766627 53015
23 सितंबर मोदी ने कहा- देश में करीब 700 जिले हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 7 राज्यों के 60 जिले ही चिंता की वजह हैं। इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को सलाह देता हूं कि वे 7 दिन तक जिला और ब्लॉक स्तर पर लोगों से वर्चुअल कॉन्फ्रेंस करें। 5730180 91175



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By Raj

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