नींद का भूख के साथ कनेक्शन: 7 घंटे से कम सोते हैं तो मोटापे, हार्ट डिजीज और डिप्रेशन का ज्यादा खतरा है, जानिए नींद का साइंस


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6 घंटे पहले

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  • 18 से 60 उम्र के लोगों को हर रात कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर पूरी करनी चाहिए
  • रात को सिर्फ 5 घंटे की नींद लेते हैं तो प्रति 5 रातों में औसतन 80 ग्राम वजन बढ़ता है

नींद ऐसी चीज है, जिसकी ज्यादातर लोग परवाह नहीं करते हैं। अक्सर हम तभी सोने जाते हैं, जब आंखें बंद होने लगती हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि हमारी भूख का नींद और वजन के साथ भी कनेक्शन है? हां, ऐसा बिल्कुल है। यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी सोने की आदतों में बदलाव लाना होगा। क्लीनिकल स्लीप मेडिसिन जनरल के मुताबिक 7 घंटे से कम नींद लेने पर कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जैसे- मोटापा, हार्ट डिजीज, डिप्रेशन आदि।

आइए जानते हैं कि नींद और वजन कम करने के पीछे का साइंस क्या कहता है? और हम अपनी नींद को बेहतर कैसे कर सकते हैं।

नींद और वजन बढ़ने के बीच कनेक्शन है

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिसर्च के मुताबिक नींद और वजन के बीच सीधा कनेक्शन है। कम नींद लेने से वजन बढ़ने और मोटापे का खतरा सबसे ज्यादा है। एक स्टडी के मुताबिक वे हेल्दी एडल्ट जो रोज रात को सिर्फ 5 घंटे की नींद लेते हैं, उनका प्रति 5 रातों में औसतन वजन 80 ग्राम तक बढ़ जाता है।
  • अमेरिकी हेल्थ एजेंसी सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के मुताबिक 18 से 60 उम्र के लोगों को हर रात कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर पूरी करनी चाहिए। 61 से 64 उम्र के लोगों को 7 से 9 घंटे जरूर सोना चाहिए। करीब 35% अमेरिकी एडल्ट 7 घंटे से कम नींद लेते हैं।

नींद में कमी और वजन बढ़ने के बीच हार्मोनल कनेक्शन क्या हैं?

  • हार्माेनल इंबैलेंस से भूख ज्यादा लगती है और वजन बढ़ता है

नींद की कमी से शरीर में हार्मोनल इंबैलेंस पैदा होता है। इससे भूख ज्यादा लगती है और वजन बढ़ने का रिस्क बढ़ता है। दरअसल, हमारे शरीर में लेप्टिन और घ्रेलिन हार्मोन होते हैं, जो भूख को नियंत्रित करते हैं। लेकिन, जब नींद नहीं पूरी होती तो इन हार्मोन्स का प्रोडक्शन लेवल बदल जाता है। बॉडी में लेप्टिन कम और घ्रेलिन ज्यादा बनने लगता है। लेप्टिन भूख को दबाता है और घ्रेलिन भूख को बढ़ाता है।

  • कोर्टिसोल हार्मोन से मीठा और जंक फूड ज्यादा खाने का मन करता है

भूख कम-ज्यादा लगने के पीछे दूसरा फैक्टर कोर्टिसोल हार्मोन है, इसे स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है। जब हमारी नींद पूरी नहीं होती तो शरीर इसे स्ट्रेस के रूप में देखता है और कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज करता है, जिससे भूख बढ़ जाती है। इस वक्त हाई फैट, मीठा और जंक फूड खाने का सबसे ज्यादा मन करता है। कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ने से फैट बढ़ता है। खासकर पेट में।

  • ग्रोथ हार्मोन कम निकलते हैं, जिससे मोटापा बढ़ता है

स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक जब हम सोते हैं तो उस वक्त शरीर में ग्रोथ हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जिसका इस्तेमाल बॉडी डैमेज को रिपेयर करने के लिए करता है। ये हॉर्मोन्स फैट को तोड़ने का काम करते हैं, जिसे लिपोलाइसिस कहते हैं। नींद पूरी नहीं होने से ग्रोथ हार्मोन कम निकलते हैं। कई रिसर्च में ये पाया गया है कि रात में 4 या 5 घंटे सोने से मोटापा बढ़ता है।

  • स्टडी क्या कहती हैं?

5 घंटे से कम नींद लेने वाले पुरुषों को डायबिटीज का सबसे ज्यादा खतरा

  • एक स्टडी के मुताबिक आधी-अधूरी नींद हमारे ग्लूकोज होमियोस्टेसिस पर खराब असर डालती है। इसके चलते बॉडी से इंसुलिन सेंसिटिविटी तेजी से कम होती है और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा बच्चों के साथ भी हो सकता है।
  • स्वीडन के वैज्ञानिकों ने 10 साल से ज्यादा समय तक 2000 से अधिक लोगों पर स्टडी की। इसमें पता चला कि 5 घंटे से कम नींद लेने वाले पुरुष महिलाओं की तुलना में ज्यादा डायबिटीक थे।



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By Raj

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