देश में नए कोरोना के मरीज बढ़े: ब्रिटेन वाला नया स्ट्रेन 13 लोगों में और मिला, अब तक 20 मरीज इस वायरस से संक्रमित


  • Hindi News
  • National
  • UK Coronavirus Strain India Latest News Update | 20 UK Returnees To India Test Positive For Coronavirus Strain

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली10 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

देश में ब्रिटेन में मिले ज्यादा खतरनाक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। बुधवार को 13 नए मरीज मिले। ये किस प्रदेश से हैं यह साफ नहीं हो सका है। कल मिले सात मरीजों में से 1-1 यूपी, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना, जबकि तीन कर्नाटक के हैं।

आइसोलेशन सेंटर से भागी महिला में नया स्ट्रेन मिला
ब्रिटेन से लौटी आंध्र प्रदेश की एक महिला में कोरोना का नया स्ट्रेन मिला है। 21 दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उसे आइसोलेशन सेंटर भेजा गया था। वहां से भागकर वह स्पेशल ट्रेन से अपने घर राजमुंदरी पहुंची थी। महिला के साथ उसका बेटा भी था। हालांकि, बेटे की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

9 से 22 दिसंबर के बीच देश लौटे संक्रमितों की जीनोम सीक्वेंसिंग जरूरी
नए स्ट्रेन के मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। हेल्थ मिनिस्ट्री ने मंगलवार को बताया कि 9 से 22 दिसंबर के बीच भारत आए इंटरनेशनल पैसेंजर्स, जो सिंप्टोमैटिक या संक्रमित पाए गए हैं, उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग अनिवार्य होगी। वहीं, 31 दिसंबर तक सस्पेंड UK की उड़ानें आगे भी बंद रह सकती हैं। यूनियन एविएशन मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें अभी UK की फ्लाइट्स के सस्पेंशन को थोड़ा और बढ़ाना पड़ सकता है।’

33 हजार मरीज हाल ही में ब्रिटेन से आए
25 नवंबर से 22 दिसंबर के बीच ब्रिटेन से लगभग 33 हजार यात्री भारत आए। इनमें से अब तक 114 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। कुछ और सैम्पल्स में नए जीनोम का पता लगाया जा रहा है। पॉजिटिव मिले मरीजों को राज्यों में बनाए गए कोविड सेंटर में आइसोलेशन में रखा गया है। इनके संपर्क में आए लोगों को भी अलग क्वारैंटाइन कर दिया गया है। नए संक्रमितों के संपर्क में आए दूसरे लोगों का भी पता लगाया जा रहा है।

क्या है जीनोम सिक्वेंसिंग?
जीनोम सीक्वेंसिंग किसी वायरस की पूरी जानकारी है, जिसमें वायरस का पूरा डेटा होता है। वायरस कैसा है? कैसा दिखता है? इसकी जानकारी जीनोम में मिलती है। वायरस के बड़े ग्रुप को जीनोम कहा जाता है। वायरस के बारे में जानने की प्रोसेस को जीनोम सीक्वेंसिंग कहा जाता है। इसी के जरिए कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पता लगाया जा रहा है।



Source link

By Raj

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *