झारखंड के नौसैनिक की मौत का मामला: महाराष्ट्र पुलिस का दावा- सूरज दुबे ने सुसाइड किया था; पहले आई थी जिंदा जलाने की बात


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मुंबई2 घंटे पहले

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5 फरवरी को सूरज जली हुई हालत में पालघर के जंगल में मिले थे, यहां से उन्हें पुलिस ने हॉस्पिटल में एडमिट करवाया था। इलाज के दौरान 6 फरवरी को सूरज को मौत हो गई।- फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

5 फरवरी को सूरज जली हुई हालत में पालघर के जंगल में मिले थे, यहां से उन्हें पुलिस ने हॉस्पिटल में एडमिट करवाया था। इलाज के दौरान 6 फरवरी को सूरज को मौत हो गई।- फाइल फोटो।

झारखंड के डाल्टनगंज के रहने वाले नौसैनिक सूरज कुमार दुबे (27) की मौत के मामले में महाराष्ट्र की पालघर पुलिस ने हैरान करने वाला खुलासा किया है। पालघर SP दत्तात्रय शिंदे ने बुधवार को बताया कि सीसीटीवी फुटेज और दूसरी जांचें ये इशारा करती हैं कि सूरज ने कर्ज से परेशान होकर सुसाइड कर लिया। उन्हें एक पेट्रोल पम्प से डीजल खरीदते हुए भी देखा गया। पुलिस के मुताबिक मौत से पहले सूरज ने अपने बयान में अपहरण और जिंदा जलाने की जो भी बातें बताई थीं वे गलत साबित हुई हैं।

SP ने कहा कि सूरज ने लाखों रुपए का कर्ज ले रखा था। वे उसे वापस नहीं कर पा रहे थे। उधारी से बचने के लिए उन्होंने खुद को आग लगा ली इससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पहले सूरज ने कहा था कि कुछ लोग उनका अपहरण कर के चेन्नई एयरपोर्ट से पालघर लाए। वे उन्हें जिंदा जला रहे थे कि कुछ लोगों ने देख लिया और आरोपी अधजली हालत में छोड़कर वहां से भाग गए।

100 पुलिसकर्मियों ने जांच की
SP के मुताबिक, सूरज की मौत की जांच के लिए 100 पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। इनमें से 6 लोगों की टीम चेन्नई गई थी। उन्हें जो CCTV फुटेज मिले उनमें सूरज आराम से एयरपोर्ट के बाहर टहलते हुए नजर आ रहे थे। पुलिस को ATM, बस स्टॉप, होटल और दूसरी जगहों पर लगे CCTV के फुटेज में भी सूरज अकेले घूमते हुए नजर आए।

पुलिस का दावा- सूरज एक पेट्रोल पंप से डीजल खरीदते हुए दिखे थे
पुलिस के मुताबिक सूरज पर शक तब बढ़ा जब वे महाराष्ट्र के तलासरी के पेट्रोल पंप पर बोतलों में डीजल लेते हुए कैमरे में दिखे। इसके बाद पुलिस ने यहां आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने इस तरह की घटना की जानकारी नहीं होने की बात कही। हालांकि, पुलिस ने यह भी कहा कि अभी भी इस मामले की जांच जारी है। किसी तरह का नया सुराग मिलने पर नए सिरे से जांच की जाएगी।

नेवी ऑफिसर सूरज ने होश में आने के बाद पुलिस को अपने अपहरण के बारे में बताया था। उनकी 6 फरवरी को मुंबई में मौत हो गई थी।

नेवी ऑफिसर सूरज ने होश में आने के बाद पुलिस को अपने अपहरण के बारे में बताया था। उनकी 6 फरवरी को मुंबई में मौत हो गई थी।

सूरज की शादी होने वाली थी
तीन भाई-बहनों में सूरज सबसे छोटे थे। उनकी मौत के बाद पिता मिथिलेश दुबे ने बताया था कि सूरज की शादी तय हो गई थी। अगली बार वे घर आते तो शादी होनी थी। परिवार में सबसे छोटे होने के नाते सूरज सबके लाड़ले थे और पूरे परिवार ने धूमधाम से शादी की तैयारी शुरू कर दी थी।

90 प्रतिशत तक जल चुका थे सूरज
सूरज की मौत के बाद नेवी की ओर से जारी बयान में कहा गया था, ‘INS अग्रणी पर तैनात नेवी के सेलर सूरज कुमार दुबे (26) छुट्टी खत्म होने के बाद ड्यूटी पर तमिलनाडु के कोयम्बटूर जा रहे थे। सूरज 30 जनवरी की रात से लापता थे। छह दिनों के बाद 5 फरवरी को वे जली हुई हालत में महाराष्ट्र के पालघर जंगल में मिले थे। 90 प्रतिशत तक जल चुके सूरज ने किसी तरह अपनी पहचान पुलिस को बताई। घरवालों का फोन नंबर पुलिस को दिया। उन्हें INHS अश्विनी में लाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।’

पूरा मामला क्या था?
सूरज 2 जनवरी को छुट्टी पर अपने घर आए थे। 30 जनवरी को वे पलामू से कोयंबटूर जाने के लिए निकले थे। कोयम्बटूर यूनिट में उनकी रिपोर्टिंग थी। बस से रांची जाने के बाद वे शाम 4:15 बजे फ्लाइट से हैदराबाद गए। हैदराबाद से उनकी चेन्नई की फ्लाइट थी, फिर चेन्नई से कोयंबटूर ट्रेन से जाना था।

हैदराबाद पहुंचने पर करीब 6:45 बजे घरवालों से सूरज की आखिरी बात हुई थी। इसके बाद सूरज का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। जब अगले दिन भी सम्पर्क नहीं हुआ तो घरवाले परेशान हो गए और सूरज की खोजबीन शुरू की गई। बाद में 1 फरवरी को सूरज के परिजन ने पलामू के चैनपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद 5 फरवरी को सूरज जली हुई हालत में पालघर के जंगल में मिले। उन्हें पुलिस ने हॉस्पिटल में एडमिट करवाया था, जहां इलाज के दौरान 6 फरवरी सूरज ने दम तोड़ दिया।



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By Raj

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