जयललिता की करीबी ने राजनीति छोड़ी: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शशिकला का राजनीति से संन्यास, AIADMK को मिलकर रहने की सलाह दी


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चेन्नई31 मिनट पहले

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तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जयललिता की करीबी वीके शशिकला ने राजनीति छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने एक पत्र भी जारी किया है, जिसमें राजनीति से संन्यास की घोषणा की गई है। शशिकला ने चिट्‌ठी में AIADMK कार्यकर्ताओं को मिलकर रहने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता मिलकर रहें और यह निश्चित करें कि आने वाले विधानसभा चुनाव में वे DMK को हरा कर बड़ी जीत तय करेंगे।

जया थीं, तब भी कोई पद नहीं लिया- शशिकला
शशिकला ने अपने पत्र में कहा है कि जब पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता जीवित थीं, तब भी मैं कभी सत्ता में या पद पर नहीं रही। उनके निधन के बाद भी मैं ऐसा नहीं करूंगी। उन्होंने लिखा- राजनीति छोड़ रही हूं, लेकिन मैं हमेशा भगवान से प्रार्थना करूंगी कि अम्मा का स्वर्णिम शासन आए और विरासत आगे बढ़े। ये मानते हुए कि हम एक ही मां की संतान हैं, सभी समर्थकों को आगामी चुनावों में एक साथ काम करना चाहिए। सभी को DMK के खिलाफ लड़ना चाहिए और अम्मा सरकार बनाना चाहिए। सभी को मेरा शुक्रिया।’

शशिकला ने कहा कि हमेशा भगवान से प्रार्थना करूंगी कि अम्मा का स्वर्णिम शासन आए और विरासत आगे बढ़े।

शशिकला ने कहा कि हमेशा भगवान से प्रार्थना करूंगी कि अम्मा का स्वर्णिम शासन आए और विरासत आगे बढ़े।

जयललिता के निधन के बाद AIADMK की कमान संभाली
दिसंबर 2016 में जयललिता के निधन के बाद शशिकला AIADMK की महासचिव चुनी गई थीं। फरवरी 2017 में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनका नाम सामने आया था। उसके बाद उन्होंने पार्टी की कमान अपने भतीजे टीटीवी दिनाकरन को दे दी थी। सितंबर 2017 में AIADMK ने उन्हें और दिनाकरन को पार्टी से निकाल दिया था। दिनाकरन ने अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कषघम (AMMK) की स्थापना की। शशिकला के समर्थन से ही पलानीस्वामी तमिलनाडु के CM बनाए गए। हालांकि, तब पार्टी दो धड़ो में बंट गई। पलानीस्वामी और पन्नीरसेल्वम के बीच CM बनने को लेकर विवाद बढ़ गया। बाद में दोनों गुट एक हो गए और शशिकला को पार्टी ने किनारे कर दिया।

दिसंबर 2016 में जयललिता के निधन के बाद शशिकला AIADMK की महासचिव चुनी गई थीं।

दिसंबर 2016 में जयललिता के निधन के बाद शशिकला AIADMK की महासचिव चुनी गई थीं।

भ्रष्टाचार केस में 4 साल जेल में रहीं
चार साल की जेल की सजा काटने के बाद 27 जनवरी को शशिकला रिहा हुईं। उसके बाद कोरोना पॉजिटिव हो गईं। उन्हें बेंगलूरु के विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। 31 जनवरी को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। यहां से वे 8 फरवरी को चेन्नई लौंटी। उनके बाहर आने के बाद यह चर्चा थी कि वे विधानसभा चुनाव में उतरेंगी।

चार साल की जेल की सजा काटने के बाद 27 जनवरी को शशिकला रिहा हुईं।

चार साल की जेल की सजा काटने के बाद 27 जनवरी को शशिकला रिहा हुईं।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा भी था कि वे जल्द चुनावी मैदान में उतरेंगी। शशिकला और उनके भतीजे AMMK सचिव टीटीवी दिनाकरन ने मीडिया और समर्थकों से चेन्नई में मुलाकात की थी। फिलहाल वे अपनी भतीजी जे कृष्णप्रिया के साथ रह रही हैं।

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By Raj

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