कश्मीर के बहाने बंगाल पर निशाना: मोदी बोले- J&K की सेहत स्कीम का फायदा कोलकाता में उठाना मुश्किल, कुछ लोगों की आदत होती है, क्या करें!


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नई दिल्ली22 मिनट पहले

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जम्मू कश्मीर में PM जय सेहत स्कीम की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में आयुष्मान भारत PM जय सेहत योजना की शुरुआत की। इस योजना में जम्मू-कश्मीर के सभी परिवारों को पांच लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस कवर मिलेगा। सेहत के इस कार्यक्रम में मोदी ने लोकतंत्र, कश्मीर के विकास पर बात करने के साथ ही विरोधियों को भी निशाने पर ले लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कार्ड सिर्फ जम्मू-कश्मीर के अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगा। देश में इस योजना के तहत जो हजारों अस्पताल जुड़े हैं, वहां भी ये सुविधा आपको मिल पाएगी। मान लीजिए कि मुंबई गए हैं और अचानक जरूरत पड़ी तो ये कार्ड आपको मुंबई में भी काम आएगा। चेन्नई में भी ये कार्ड काम आएगा। वहां के अस्पताल भी मुफ्त सेवा करेंगे। आप कोलकाता गए हैं, तो वहां मुश्किल होगी, क्योंकि वहां की सरकार आयुष्मान योजना से नहीं जुड़ी है। कुछ लोग होते हैं, क्या करें!

योजना का फायदा लेने वालों ने अपना अनुभव बताया
मोदी ने योजना का फायदा लेने वालों दो लोगों से बात की। उन्होंने कहा कि जिनके लिए हम काम करते हैं, उनसे संतोष के स्वर मिलते हैं तो गरीबों के लिए और मेहनत करने के लिए ये शब्द काफी ताकत देते हैं। सभी सुविधाएं हर लोगों तक पहुंचें, यही हमारी सरकार का कमिटमेंट है। कार्यक्रम में लाभार्थियों को ई गोल्डन कार्ड भी दिए गए।

कैंसर पीड़ित जम्मू के रमेश लाल ने बताया कि मेरे परिवार के सभी 5 सदस्यों के पास आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड है। हम इस योजना के लिए पीएम मोदी के शुक्रगुजार हैं। अगर मेरे पास कार्ड नहीं होता तो इलाज करवाना मुश्किल हो जाता।

PM मोदी के भाषण 6 बातें

1. हम अटलजी के संदेश को लेकर आगे बढ़ रहे

आज का दिन जम्मू-कश्मीर के लिए बहुत ऐतिहासिक है। यहां के लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलने जा रहा है। यहां के लोगों के लिए ये कदम उठाते देख मुझे काफी खुशी हो रही है। एलजी मनोज सिन्हा और उनकी टीम को बहुत बधाई। अगर ये कार्यक्रम कल यानी अटलजी के जन्मदिन के दिन हो पाता तो बेहतर होता। कुछ व्यस्तताओं के चलते ऐसा नहीं हो पाया। अटलजी इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत को लेकर हमेशा हमें संदेश देते रहे हैं। हम इन्हें लेकर ही आगे बढ़ रहे हैं।

2. लोगों को हक मिले, इसी मुद्दे पर हम सरकार से बाहर हो गए थे

जम्मू-कश्मीर में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था से गांधीजी का सपना पूरा हुआ। हम कभी सत्ता में थे, हमारा उपमुख्यमंत्री भी था। हम सरकार से इसी मुद्दे से बाहर आ गए थे कि लोगों को उनका हक दो, गांव-गांव में चुनाव कराओ। आज पंचायत, जिला स्तर पर जिन लोगों को चुना है, वे आपके बीच से निकलकर ही चुने गए हैं। उनके और आपके सुख-दुख एक जैसे हैं। ये लोग नाम नहीं, काम के बल पर आपका आशीर्वाद ले पाए हैं। आपने जिन युवाओं को चुना है, वे आपके लिए, आपके साथ काम करेंगे।

3. UT बनने के एक साल के अंदर चुनाव कराए

जम्मू-कश्मीर में इन चुनावों ने दिखाया कि लोकतंत्र कितना मजबूत है। आज मैं देश के सामने एक पीड़ा व्यक्त करना चाहता हूं। जम्मू-कश्मीर ने यूनियन टेरेटरी बनने के एक साल के अंदर पंचायत चुनाव करा दिए। दिल्ली में कुछ लोग दिन-रात, आए दिन मोदी को टोकते रहते हैं, रोकते रहते हैं, मैं उन लोगों को आईना दिखाना चाहता हूं।

4. गांव के लोग ही गांव का विकास करें

पुडुचेरी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी पंचायत चुनाव नहीं हो रहे। वहां की सरकार का लोकतंत्र में रत्तीभर भी भरोसा नहीं। वहां 2006 में लोकल बॉडी चुनाव हुए। तब चुने गए लोगों का कार्यकाल 2011 में खत्म हो गया। इतने साल हो गए, पुडुचेरी में पंचायत चुनाव नहीं होने दिए जा रहे। केंद्र लगातार कोशिश कर रहा है कि गांव के विकास में गांव के लोग ही आगे आएं।

5. दो कैंसर अस्पताल और एम्स बन रहे
जम्मू और श्रीनगर में दो कैंसर अस्पताल और दो एम्स बन रहे हैं। 7 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिल चुकी है। जम्मू में IIT और IIM की स्थापना छात्रों के लिए मददगार होगी। 7 दशकों में 3.5 हजार मेगावाट बिजली तैयार होती थी, हमने इसमें 3 हजार मेगावाट और जोड़ दी है। हम कनेक्टिविटी पर भी काम कर रहे हैं। चिनाब के सबसे ऊंचे पुल को देखकर किस का सिर गर्व से ऊंचा नहीं होगा। बनिहाल टनल को भी अगले साल तक पूरा करने के लिए काम जारी है। इससे टूरिज्म को बल मिलेगा।

6. नैफेड के जरिए सेब खरीद रहे
सेब से लेकर बासमती तक जम्मू के पास क्या नहीं है। लॉकडाउन में भी हमने ध्यान रखा कि किसानों को इसे बेचने में तकलीफ न हो। अब इसकी खरीद नैफेड के जरिए की जा रही है। हम 12 लाख मीट्रिक टन सेब खरीद चुके हैं। पैसा सीधे किसानों के खाते में जा रहा है। एपल के स्टोरेज के लिए भी लगातार कोशिशें कर रहे हैं।

7. सुरक्षाबलों को पूरी छूट
सांबा, राजौरी, कठुआ में न केवल बंकर बनाए, बल्कि वहां सुरक्षाबलों को छूट भी दी गई है। पहले की सरकारों ने जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को गरीबी में रहने के लिए मजबूर किया। ऐसी नकारात्मक सोच की देश में कोई जगह नहीं। देश का कोई क्षेत्र विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहेगा। जम्मू-कश्मीर का विकास हो, हमें लगातार इसके लिए काम करना है। जम्मू-कश्मीर के लोगों के जो काम अधूरे रह गए हैं, लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा और उनकी टीम उन कामों को पूरा करेगी।



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By Raj

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