इतिहास में आज: जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने हजारों निहत्थे लोगों पर चलवाई थीं गोलियां, 19 साल बाद शहीद उधम सिंह ने लंदन में लिया बदला


  • Hindi News
  • National
  • Today History: Aaj Ka Itihas India World 13 March Update |Shaheed Uddham Singh | 1996 Dunblane Massacre |

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

27 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

13 मार्च 1940 यानी 81 साल पहले आज ही के दिन लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन और ‘रॉयल सेंट्रल एशियन सोसायटी’ की ‘कॉक्सटन हॉल’ में बैठक थी। बैठक में अंग्रेज अफसर जनरल माइकल ओ डायर भी मौजूद था। डायर ने अपना भाषण दिया और अपनी सीट की तरफ लौटने लगा। तभी बैठक में मौजूद एक शख्स ने अपनी किताब में छुपाई रिवॉल्वर निकाली और डायर पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। डायर की मौके पर ही मौत हो गई।

गोलियां बरसाने वाले थे उधम सिंह। उधम सिंह को वहीं पकड़ लिया गया। मुकदमा चला और 31 जुलाई 1940 को उन्हें फांसी दे दी गई, लेकिन उधम सिंह ने 19 साल पुराने हत्याकांड का बदला ले लिया था। इसके लिए वो छह साल से लंदन में रह रहे थे। ये बदला था जलियांवाला बाग हत्याकांड का। वही, जलियांवाला बाग हत्याकांड जिसमें 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन रौलेट एक्ट के विरोध में सभा कर रहे हजारों लोगों पर जनरल डायर ने गोलियां बरसवाईं थी।

इस गोलीकांड में एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसमें महिला, पुरुष और बच्चे सभी शामिल थे। 1,200 से ज्यादा लोग घायल भी हुए। सैकड़ों महिलाओं, बूढ़ों और बच्चों ने जान बचाने के लिए वहां बने एक कुएं में छलांग लगा दी, जिसमें उनकी मौत हो गई। इस घटना ने शहीद उधम सिंह के मन में गुस्सा भर दिया था। वो अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। जनरल डायर को मारना उन्होंने अपना खास मकसद बना लिया था।

स्कूल से निकाले जाने पर टीचर ने स्कूल में घुसकर बच्चों को मारी गोली

स्कॉटलैंड के डनब्लेन में आज ही के दिन एक बंदूकधारी ने एक स्कूल में घुसकर बच्चों पर गोलियों की बौछार कर दी थी। इस गोलीबारी में 16 बच्चों और उनके टीचर की मौत हो गई थी। हत्यारे ने बाद में खुद को भी गोली मार ली थाी। गोली चलाने वाला इसी स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर था, लेकिन कुछ दिन पहले ही उसे स्कूल से निकाल दिया गया था। इस गोलीकांड के बाद ब्रिटेन में गन लॉ में कई बदलाव किए गए।

डनब्लेन के स्कूल में हुई गोलीबारी में मारे गए सभी बच्चे 5 से 6 साल के थे।

डनब्लेन के स्कूल में हुई गोलीबारी में मारे गए सभी बच्चे 5 से 6 साल के थे।

देश-दुनिया में 13 मार्च को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता हैः

2013: ब्यूनस आयर्स के आर्कबिशप जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो रोमन कैथोलिक चर्च के पोप बनाए गए। उन्हें पोप फ्रांसिस नाम मिला। उन्होंने पोप बेनेडिक 16वें की जगह ली।

2004: सितार वादक विलायत खान का निधन हुआ।

1997: मदर टेरेसा की उत्तराधिकारी के रूप में सिस्टर निर्मला को मिशनरीज ऑफ चैरिटी के सुपीरियर जनरल के पद पर चुना गया।

1992: तुर्की में आए भूकंप से करीब 500 लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग बेघर हो गए।

1980: कांग्रेस नेता संजय गांधी के बेटे वरुण गांधी का जन्म हुआ। वरुण इस वक्त पीलीभीत से भाजपा सांसद हैं। वरुण की मां मेनका गांधी सुल्तानपुर से भाजपा की सांसद हैं।

1963: खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पहली बार अर्जुन पुरस्कार प्रदान करने का ऐलान किया गया।

1961: ब्रिटेन की दो महिला और तीन पुरुष अधिकारियों पर रूस के लिए जासूसी करने का आरोप लगा।

1956: न्यूजीलैंड ने टेस्ट क्रिकेट खेलने का दर्जा मिलने के 26 साल बाद अपनी पहली जीत हासिल की। 22 हार और 22 ड्रॉ के बाद उसे ये जीत मिली थी। इस मैच में न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को 190 रन से हराया था।

1938: ऑस्ट्रिया और जर्मनी के बीच दि अंश्चलेस नाम के पॉलिटिकल यूनियन की घोषणा हुई।

1925: अमेरिकी राज्य टेनेसी की विधायिका ने राज्य के पब्लिक स्कूलों में चॉर्ल्स डार्विन की थ्योरी ऑफ इवोल्यूशन को पढ़ाने पर बैन लगाने का बिल पास किया। बाद में एक हाई-स्कूल टीचर कानून तोड़ने का दोषी भी ठहराया गया।

1913: हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रख्यात गायिका गंगूबाई हंगल का कर्नाटक के धारवाड़ में जन्म हुआ।

1881: रूस के जार एलेक्जेंडर-II की सेंट पीटर्सबर्ग में हत्या कर दी गई।

1800: मराठा साम्राज्य को अपनी योग्यता से एक बार फिर शिखर पर पहुंचाने वाले राजनेता नाना फडणवीस का निधन।

781: खगोलशास्त्री विलियम हर्शेल ने अरुण यानी यूरेनस ग्रह का पता लगाया।

खबरें और भी हैं…



Source link

By Raj

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *