16 घंटे पहले

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सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस में शुरुआत से ही न्याय की मांग कर रहे भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खत लिखा है। उन्होंने पीएम से एम्स की रिपोर्ट की समीक्षा की मांग की है। साथ ही उन्होंने लिखा है कि अगर प्रधानमंत्री की ओर से उनके पत्र पर कोई जवाब नहीं आता है तो वे अदालत भी जा सकते हैं।

स्वामी ने ट्विटर पर दी जानकारी

प्रधानमंत्री को लिखे खत की जानकारी स्वामी ने ट्विटर पर दी है। उन्होंने लिखा है, “सुशांत सिंह राजपूत की ऑटोप्सी को लेकर डॉ. सुधीर गुप्ता की स्पेशल समिति के निष्कर्षों की समीक्षा पर पीएम का जवाब नहीं मिलता है तो मेरे पास जनहित याचिका दायर करने का अधिकार है। अनुच्छेद 19 और 21 के तहत मुझे यह जानने का अधिकार है कि सुशांत की जान कैसे गई?”

इससे पहले 12 अक्टूबर को भी सुब्रमण्यम स्वामी ने सुशांत की मौत पर सवाल उठाया था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि मौत के दिन, जिस ग्लास में सुशांत ने संतरे का जूस पिया था, उसे सुरक्षित क्यों नहीं रखा गया। इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि मुंबई पुलिस ने उस अपार्टमेंट को सील नहीं किया, जिसमें घटना हुई थी। जबकि, अप्राकृतिक मृत्यु में ऐसा करना जरूरी होता है।

एम्स की टीम ने केस आत्महत्या का बताया

डॉ. सुधीर गुप्ता की लीडरशिप में बनी एम्स की फॉरेंसिक टीम ने अपनी फाइनल रिपोर्ट में कहा था कि ये क्लियर कट सुसाइड का मामला है। रिपोर्ट में हत्या की बात को खारिज कर दिया गया था।

सुशांत का परिवार रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं

एम्स की रिपोर्ट से सुशांत का परिवार संतुष्ट नहीं है। एक्टर के पिता के वकील विकास सिंह ने एक न्यूज चैनल पर कहा था कि एम्स के डॉक्टर टीवी चैनल्स पर जाकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि मीडिया में डॉक्टरों के ऐसे बयान मेडिकल काउंसिल की एथिकल गाइडलाइन का उल्लंघन हैं। उन्होंने एम्स की रिपोर्ट को करप्ट बताया था।

फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट सामने आने से कुछ दिन पहले विकास सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने फॉरेंसिक टीम के हेड डॉ. सुधीर गुप्ता के एक बयान का जिक्र करते हुए सीबीआई से केस की गहराई से जांच की मांग की थी। विकास सिंह ने कहा था कि जब मैंने डॉक्टर गुप्ता को सुशांत की बॉडी की तस्वीरें दिखाई थीं, तो उन्होंने कहा था कि यह 200 फीसदी दम घोंटकर जान लेने का मामला है, ये सुसाइड नहीं है।





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By Raj

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