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किरण जैन, मुंबई3 दिन पहले

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रामवृक्ष गौर ‘बालिका वधू’, ‘ज्योति’ और ‘गुलाल’ जैसे कई टीवी शोज का हिस्सा रह चुके हैं।

पिछले दिनों खबर आई थी कि कई टीवी शोज में असिस्टेंट डायरेक्टर रह चुके रामवृक्ष गौर काम नहीं होने की वजह से इन दिनों आजमगढ़ में सब्जी बेच रहे हैं। हालांकि अब उन्होंने ये काम बंद कर दिया है। राम की मानें तो अब उन्हें एक भोजपुरी फिल्म में काम मिल गया हैं जिसमें वे असिस्टेंट डायरेक्टर रहेंगे।

दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में रामवृक्ष गौर ने बताया, ‘सच कहूं तो मैं बचपन से सब्जी बेचता आया हूं। मेरे पिताजी के साथ मैं भी सब्जी बेचने जाया करता था लेकिन इसके साथ ही अपनी पढ़ाई भी पूरी की। मुझे अपने जीवन में कुछ बड़ा करना था इसीलिए मुंबई आ गया और फिल्म प्रोडक्शन का करियर चुना।’

सारी बचत इलाज में खर्च हो गई

उन्होंने बताया, ‘पिछले 18 सालों में मैंने कई टीवी शोज और फिल्में कीं, जिनसे मैंने अच्छे खासे पैसे भी कमाए। हालांकि पिछले 3 साल से मेरी तबियत काफी खराब चल रही है जिसकी वजह से मैं ज्यादा काम नहीं कर पाता। इसी दौरान मेरी जितनी भी बचत थी वो इलाज में खर्च हो गई।’

‘किसी तरह काम चल रहा था लेकिन लॉकडाउन में मेरी आर्थिक स्थिति काफी ज्यादा खराब हो गई। कुछ पैसे जोड़ने के लिए मैंने फिर से सब्जी बेचने का पुराना काम शुरू कर दिया। इसमें मुझे कुछ गलत नहीं लगा।’

सब्जी बेचने की खबर आते ही काम मिल गया

रामवृक्ष ने आगे बताया, ‘मुझे एक भोजपुरी फिल्म भी मिली थी हालांकि लॉकडाउन की वजह से प्लान आगे नहीं बढ़ पाया। खास बात ये है कि जिस दिन मेरे सब्जी बेचने की खबर सामने आई, उसके दूसरे दिन ही मुझे काम मिल गया। फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई है जिसमें मैं बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम कर रहा हूं। फिलहाल मैंने सब्जी बेचना बंद कर दिया है हालांकि आगे मौका मिला तो इस काम को मैं जरूर चालू रखूंगा।’

परिवार के भरण-पोषण में दिक्कत आ रही थी

अपनी बीमारी के बारे में राम गौर बताते हैं, ‘कुछ साल पहले मुझे माइल्ड स्ट्रोक आ गया था जिसका इलाज मैंने मुंबई में ही करवाया था। इलाज के दौरान मेरे काफी पैसे खर्च हो गए। इसके बाद परिवार की देखभाल करने में पैसों की तंगी के चलते कठिनाई आ रही थी इसलिए अपने घर लौट आया था।’

मैंने सब्जी बेचकर जरूरत जितने पैसे जुटा लिए

आगे उन्होंने कहा, ‘मेरे दो बच्चे भी हैं। कई सारी समस्याएं एक साथ आ गई थीं। जीवनयापन के लिए मैंने सब्जी बेचना शुरू कर दिया। पिछले 4 -5 महीनों में मैंने परिवारवालों की जरूरत जितने पैसे जुटा लिए थे। मैं खुश हूं अपने फैसले से, मुझे कोई पछतावा नहीं हैं।’

रामवृक्ष गौर ‘बालिका वधू’, ‘ज्योति’ और ‘गुलाल’ जैसे कई टीवी शोज का हिस्सा रह चुके हैं।



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By Raj

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