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19 घंटे पहले

एक्ट्रेस पायल घोष ने महाराष्ट्र गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर वाय प्लस कैटेगरी की सुरक्षा की मांग की है।

फिल्म मेकर अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाने वाली एक्ट्रेस पायल घोष ने भारत में दो साल पहले चले Metoo मूवमेंट को फर्जी करार दिया। पायल ने ट्वीट्स के जरिए इस आंदोलन की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाए। पायल ने ये ट्वीट तब किए जब बॉलीवुड के कई कलाकार अनुराग के पक्ष में खड़े हो गए हैं। इतना ही नहीं उनकी दो-दो पूर्व पत्नियों ने भी उन्हें इनोसेंट बताया है।

पायल लिखती हैं- #Metoo इंडिया मूवमेंट में सभी आरोपियों को क्लीन चिट मिल गई। इसलिए यह मान लिया गया कि आरोप लगाने वाला झूठा है। फिर उन्हें उत्पीड़न की सजा क्यों नहीं दी गई। आखिर सच कहां है, सिर्फ हवा में। जिस तरह आरोपियों को क्लीन चिट मिल गई, उस तरह उन महिलाओं को झूठे आरोपों के लिए सलाखों के पीछे क्यों नहीं डाला गया।

दूसरे ट्वीट में साधा अनुराग के सपोर्टर्स पर निशाना

इस ट्वीट के बाद पायल ने एक और ट्वीट किया। जिसमें लिखा- आरोपियों के सपोर्ट में पोस्ट करने वाली महिलाओं को हालातों के बारे में कुछ भी नहीं पता है। ये उनकी राय हो सकती है कि आरोपी कभी भी ऐसा नहीं कर सकता है। ठीक उसी तरह जैसे एक रेपिस्ट की पत्नी कहती है कि उसका पति निर्दोष है और वह ऐसा कभी नहीं कर सकता। नहीं तो मुझे बताएं मीटू मूवमेंट फर्जी था।

दो दिन पहले की थी नार्को टेस्ट की मांग

अनुराग से 8 घंटे की पूछताछ के बाद पायल ने ट्विटर पर लिखा था- “मिस्टर कश्यप ने पुलिस के सामने अपने बयान में झूठ बोला। मेरे वकील सच्चाई का पता लगाने के लिए मिस्टर कश्यप का नार्को एनालिसिस, लाई डिटेक्टर, और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए आवेदन देंगे। न्याय के लिए आज पुलिस स्टेशन में एप्लीकेशन फाइल की जाएगी।”



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By Raj

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