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एक घंटा पहलेलेखक: किरण जैन

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा अपनी आगामी फिल्म ‘डी कंपनी’ में दो सगे भाइयों अश्वत कंठ और रूद्र कंठ को लॉन्च करेंगे। फिल्म में दोनों अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके भाई शब्बीर इब्राहिम का किरदार निभाते नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में अश्वत और रूद्र ने फिल्म और राम गोपाल वर्मा से जुड़ी खास बातें शेयर की। दोनों से हुई बातचीत के अंश:-

Q. दाऊद और शब्बीर इब्राहिम के किरदार के बारे में बताइए?
अश्वत:
दाऊद को पूरी दुनिया जानती है। लेकिन सर (राम गोपाल वर्मा) को उसके बारे जितना नॉलेज है, मुझे नहीं लगता कि दाऊद खुद भी अपने बारे में इतना जानता होगा। डी गैंग से डी कंपनी कैसे बनी? कौन सा एनकाउंटर कब हुआ? कौन से केस में दाऊद का कनेक्शन है? राम गोपाल वर्मा को हर छोटी से छोटी बात पता है। इस बड़े किरदार को निभाने का मौका मिला तो भला मना कैसे कर पाता? पहले ही प्रोजेक्ट में रियल लाइफ भाई स्क्रीन पर सगे भाइयों का किरदार निभा रहे हैं।

रूद्र: दाऊद के किरदार के सिलेक्शन के बाद राम गोपाल वर्मा ने अश्वत को शबीर इब्राहिम के कुछ ऑडिशंस भेजे। जब मैंने उन्हें देखा तो लगा कि मुझे इस किरदार के लिए कोशिश करनी चाहिए। मैंने तुरंत ऑडिशन बनाया और सर को भेज दिया। कुछ दिनों में ही मेरा भी सिलेक्शन हो गया।

Q. दाऊद के किरदार के लिए तैयारी कैसे की? यह किरदार आपके लिए कितना चैलेंजिंग रहा?
अश्वत:
राम गोपाल वर्मा पिछले 20 साल से इस पर रिसर्च कर रहे थे और ये उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। उनकी फिल्म ‘कंपनी’ के समय से इस फिल्म की रिसर्च चल रही है। उस वक्त के पॉलिटिकल लीडर्स से लेकर पुलिसवालों तक सर ने कई लोगों से मिलकर जानकारी जुटाई है। वे इसी प्रोजेक्ट से जुड़ी एक वेब सीरीज भी प्लान कर रहे हैं। इस फिल्म में दिखाई गई हर बात ओरिजिनल है। कोई ड्रामा नहीं। आंखों में काजल और दाऊद की बॉडी लैंग्वेज अपनाना काफी चैलेंजिंग था। इंटरनेट पर दाऊद की तस्वीरें बहुत कम हैं। 1980 में मुंबई का दौर कैसा होगा? ये समझने के लिए मैं मुंबई के डोंगरी इलाके में भी गया था। वहा के लोगों से मैंने दाऊद के बारे में जाना।

Q. क्या पहले ही प्रोजेक्ट में गैंगस्टर का किरदार निभाने से स्टीरियोटाइप होने का डर था?
रूद्र:
ये कहना गलत नहीं होगा कि जब कोई आपको किसी पर्टिकुलर किरदार में देखता है तो आगे चलकर वैसे ही किरदार के लिए अप्रोच किया जाता है। हालांकि, कोशिश यही रहेगी कि अलग-अलग किरदार निभाऊं। कुछ चीजें हमारे हाथों में नहीं होतीं।

Q. रिक्रूटमेंट जॉब से एक्टिंग का सफर कैसे शुरू हुआ?
अश्वत:
मुझे पहले से ही एक्टिंग करना पसंद था। स्कूल और कॉलेज में मैंने कई ड्रामा में काम किया है। मुझे हमेशा से एक्टर ही बनना था। लेकिन मिडिल क्लास से हूं तो पैरेंट्स चाहते थे कि पहले पढ़ाई पूरी हो, फिर अपना पैशन पूरा करूं। कुछ साल नौकरी की, लेकिन मन नहीं लगता था।आखिरकार नौकरी छोड़ी और मुंबई आकर अपने पैशन पर ध्यान देने लगा।

Q. इंजीनियर से एक्टिंग के सफर के बारे में बताइए।
रूद्र:
मैंने इलेक्ट्रॉनिक्स में बी. टेक किया है। पापा हमेशा चाहते थे कि मैं इंजीनियर बनूं। मैंने 3 साल तक जॉब भी किया, लेकिन दिल मेरा हमेशा से आर्ट में रहा हैं। बस फिर क्या? भाई की राह पर निकल पड़ा।

Q. राम गोपाल वर्मा की वेब सीरीज के बारे में कुछ बताइए।
रूद्र:
दो घंटे की फिल्म में आप सब कुछ नहीं दिखा सकते। इस वेब सीरीज में हर किरदार को बहुत गहराई से दिखाया जाएगा। 5 सीजन की इस सीरीज में कुल मिलकर 50 एपिसोड्स दिखाए जाएंगे। कंपनी की शुरुआत से लेकर अंत तक, हर छोटी-छोटी बात बताई जाएगी। 93 बम ब्लास्ट, एनकाउंटर, हर पॉइंट को विस्तार से उजागर किया जाएगा।

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By Raj

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