7 घंटे पहलेलेखक: अमित कर्ण

  • कॉपी लिंक

जबसे सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने पटना में एफआईआर दर्ज कराई है, तब से रिया चक्रवर्ती लगातार कुछ न्यूज चैनल्स और सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर हैं।

  • कुछ न्यूज चैनल लगातार यह चला रहे हैं कि सीबीआई ने मामले में धारा 302 जोड़ी है
  • CBI अधिकारी ने हमसे बातचीत में स्पष्टतौर पर कहा- इसके चक्कर में मत पड़िए

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में धारा 302 (हत्या) को जोड़ने से इनकार किया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने रिया चक्रवर्ती या किसी अन्य के खिलाफ यह धारा नहीं जोड़ी है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि जांच एजेंसी सुशांत के फ्लैट-मेट सिद्धार्थ पिठानी और कुक नीरज को सरकारी गवाह बनाकर मामले में हत्या की धारा जोड़ रही है। CBI के अधिकारी से हुई बातचीत के अंश:-

सवाल : क्‍या वाकई धारा 302 को जोड़ी गई है?
CBI: यह सरासर गलत है।

सवाल : मगर न्यूज चैनलों पर तो यह खबर धडल्ले से चलाई जा रही है?
CBI: अब इसमें हम क्‍या कर सकते हैं। अभी तो जांच चल रही है।

सवाल: अब तक आपके हाथ जो सबूत लगे हैं, उनसे उम्‍मीद है कि 302 अप्लाई होगी?
CBI: देखिए, भविष्य के बारे में क्‍या होगा? वह कैसे कहा जाए। हम एक केस इन्वेस्टिगेट कर रहे हैं। कल्पनाओं पर आधारित कोई पहेली सॉल्व नहीं कर रहे हैं।

सवाल : यानी अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, जिससे 302 अप्लाई हो?
CBI: मैं यही कहना चाहूंगा कि इस वक्‍त 302 के चक्‍कर में मत पड़िए। अभी जांच जारी ही है। इस दौरान जो भी साक्ष्य सामने आ रहे हैं, उन्‍हें मीडिया या किसी और के साथ हम शेयर नहीं कर सकते।

सवाल : आगे कब और किन लोगों को सवाल-जवाब के लिए तलब करने वाले हैं?
CBI : मैं फिर यही कहना चाहूंगा कि जो कुछ भी जांच के दौरान होता है, वह हम शेयर नहीं करते।

सवाल : आरोपियों से अगली हियरिंग कब से होगी?
CBI : देखते हैं। यह तो इन्वेस्टिगेशन पर डिपेंड करता है।

सवाल : अगले हफ्ते मानकर चलें?
CBI: अभी यह नहीं कहा जा सकता। हमारा काम कल्पनाओं पर आधारित नहीं होता। ये चीजें हम बताते नहीं हैं।



Source link

By Raj

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *