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मुंबई23 दिन पहले

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रिपोर्ट में कहा गया है कि NBFC के पेपर्स में म्यूचुअल फंडों का कम होता विश्वास 2019-20 और 2020-21 (जून 2020) तक जारी रहा। हालांकि, उनका निवेश काफी हद तक कुछ बड़ी और अच्छी तरह से रेटेड NBFC तक सीमित था - Dainik Bhaskar

रिपोर्ट में कहा गया है कि NBFC के पेपर्स में म्यूचुअल फंडों का कम होता विश्वास 2019-20 और 2020-21 (जून 2020) तक जारी रहा। हालांकि, उनका निवेश काफी हद तक कुछ बड़ी और अच्छी तरह से रेटेड NBFC तक सीमित था

  • मोरेटोरियम का लाभ उठाने वाले ग्राहकों की संख्या NBFC के लिए कम रही है
  • NBFC के कुल ग्राहकों में से लगभग 26.6 पर्सेंट ने मोरेटोरियम का फायदा उठाया

लोन की रिकवरी न हो पाने और कम उधारी की मांग के कारण NBFC के फायदे में कमी आ सकती है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कैश को बचाए रखने की आदत के कारण भी NBFC के फायदे में गिरावट आ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साल 2019-20 के बैंकिंग की प्रवृत्ति और प्रगति पर अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है।

असेट क्वालिटी को साइड किया

लोन मोरेटोरियम और परिसंपत्ति वर्गीकरण (asset classification) में ठहराव के कारण, असेट क्वालिटी को किनारे कर दिया गया। हालांकि, कई गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (NBFC) ने इसके मद्देनजर एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) के अनुसार अतिरिक्त प्रावधान किया है। डिविडेंड के जरिए अपनी कैपिटल पोजीशन को चलायमान बनाये हुए हैं।

NBFC के लोन मोरेटोरियम की संख्या कम रही

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल मिलाकर, मोरेटोरियम का लाभ उठाने वाले ग्राहकों की संख्या NBFC के लिए कम रही है। जबकि कमर्शियल बैंकों के ग्राहकों की संख्या ज्यादा थी। 31 अगस्त, 2020 तक NBFC के कुल ग्राहकों में से लगभग 26.6 पर्सेंट ने मोरेटोरियम का फायदा उठाया। उनके कुल लोन आउटस्टैंडिंग का यह लगभग 44.9 पर्सेंट था।

लोन में स्थिर बढ़त रही है

रिपोर्ट में कहा गया है कि लोन में स्थिर बढ़त (stagnant growth) रही है। चुनौतीपूर्ण आर्थिक वातावरण जोखिम भी रहे हैं। इससे बचने के लिए 2019-20 में NBFC की कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट में गिरावट आई। 2020-21 के पहले हाफ में, हालांकि NBFC की बैलेंस शीट में थोड़ी बहुत वृद्धि हुई। साथ ही असेट क्वालिटी में मामूली गिरावट आई।

RBI और सरकार ने किए उपाय

RBI और सरकार ने लिक्विडिटी बढ़ाने और बाजार का विश्वास बहाल करने के लिए विभिन्न उपाय किए। रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि वित्त वर्ष 2020-21 में आर्थिक गतिविधियों के कम रहने की उम्मीद है, लेकिन मजबूत NBFC उम्मीद बनाए रखी हैं। अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रही हैं। क्योंकि कई NBFC ने अच्छे कलेक्शन से रिकवरी कर कोरोना के पहले के स्तरों पर लौट आने की दस्तक दे दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFC) ने 2019-20 में कई दिक्कतों का अनुभव किया। इसमें क्रेडिट ग्रोथ में मंदी, फायदा और असेट क्वालिटी में गिरावट प्रमुख हैं।

इंडस्ट्री सेक्टर को ज्यादा लोन

रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2020-21 में इंडस्ट्री सेक्टर को NBFC ने ज्यादा लोन दिया। इसके बाद रिटेल लोन और सर्विसेज सेक्टर हैं। 2019-20 के दौरान, रिटेल लोन, हाउसिंग लोन और व्हीकल लोन सबसे ऊपर थे। NBFC को कमर्शियल पेपर (CP) के माध्यम से लोन देने में वृद्धि सितंबर 2020 तक धीमी रही और 2020-2021 की पहली तिमाही में इसमें थोड़ी तेजी आई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि NBFC के पेपर्स में म्यूचुअल फंडों का कम होता विश्वास 2019-20 और 2020-21 (जून 2020) तक जारी रहा। हालांकि, उनका निवेश काफी हद तक कुछ बड़ी और अच्छी तरह से रेटेड NBFC तक सीमित था।

म्यूचुअल फंड ने निवेश घटाया

मीडियम NBFC के NCD में म्यूचुअल फंड्स ने 2019-20 की दूसरी छमाही में निवेश घटा दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि म्युचुअल फंडों ने छोटे NBFC के NCD और CP का केवल मामूली हिस्सा रखा, लेकिन मार्च 2020 और जून 2020 में कोरोना के बढ़े जोखिम से बाहर निकल गए।



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By Raj

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