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नई दिल्ली28 मिनट पहले

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EV लक्ष्य हासिल करने के लिए कारोबारी साल 2030 तक 158 GWh की सालाना बैटरी क्षमता की जरूरत हो सकती है, यह घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को कारोबार का एक विशाल अवसर देगा

  • मार्च 2020 तक देश में रजिस्टर्ड EV की कुल संख्या 5 लाख थी
  • 2030 तक यह संख्या 200 गुना बढ़कर 10 करोड़ तक पहुंच सकती है

भारत यदि 2030 के लिए निर्धारित इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) टार्गेट को हासिल कर लेगा, तो देश का EV मार्केट करीब 14.42 लाख करोड़ रुपए (करीब 206 अरब डॉलर) का हो जाएगा। लेकिन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 2030 तक व्हीकल प्रॉडक्शन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब 12.50 लाख करोड़ रुपए (180 अरब डॉलर) का निवेश करना होगा। यह बात CEEW सेंटर फॉर एनर्जी फाइनेंस (CEEW-CEF) की एक अध्ययन रिपोर्ट में कही गई है।

थिंक टैंक काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवॉरमेंट एंड वाटर (CEEW) की पहल के तहत कराए गए अध्ययन के मुताबिक मार्च 2020 तक देश में रजिस्टर्ड EV की कुल संख्या 5 लाख थी। 2030 तक यह संख्या 200 गुना बढ़कर 10 करोड़ तक पहुंच सकती है। EV लक्ष्य को हासिल करने के लिए कारोबारी साल 2030 तक 158 GWh की सालाना बैटरी क्षमता की जरूरत हो सकती है। यह घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों के लिए एक विशाल मार्केटिंग अवसर प्रदान करता है।

2030 तक सभी कमर्शियल कारों में EV सेल्स का शेयर 70% तक पहुंचाने का लक्ष्य

NITI आयोग के टार्गेट का हवाला देते हुए CEEW-CEF अध्ययन में कहा गया है कि भारत के EV टार्गेट के मुताबिक 2030 में EV सेल्स का शेयर सभी कमर्शियल कारों में 70 फीसदी, प्राइवेट कारों में 30 फीसदी, बसों में 40 फीसदी और टू-व्हीलर (2W) व थ्री-व्हीलर (3W) में 80 फीसदी होगा। अध्ययन दल के प्रमुख और CEEW-CEF के सीनियर एनालिस्ट वैभव प्रताप सिंह ने कहा कि OEMs, बैटरी मैन्यूफैक्चरर्स, चार्जिंग पॉइंट ऑपरेटर्स और अंतिम उपभोक्ता के लिए पूंजी की अवेलैबिलिटी और अफॉर्डेबिलिटी से तय होगा कि भारत के EV ट्रांजीशन की रफ्तार, क्षमता और लागत कितनी होगी। स्थिर पॉलिसी सपोर्ट भी महत्वपूर्ण होगा।

69,000 पेट्र्रोल स्टेशनों पर EV कियॉस्क लगाने की घोषणा से इस सेक्टर में तेजी आएगी

सिंह ने कहा कि देश में 69,000 पेट्र्रोल स्टेशनों पर EV कियॉस्क लगाने और बैटरी के बिना E-वाहनों का रजिस्ट्रेशन करने की सरकार की हाल की घोषणा से इस सेक्टर में तेजी आ सकती है। साथ ही रिपोर्ट के मुताबिक EV लक्ष्य हासिल करने के लिए 158 GWh की सालाना बैटरी क्षमता की जरूरत होगी। यह घरेलू मैन्यूफैक्चरर्स के लिए एक बड़ा अवसर होगा।

बैटरी निर्माण पर 85,900 करोड़ रुपए तक हो सकता है निवेश

रिपोर्ट में कहा गया है कि जरूरत की आधी बैटरी भी यदि देश में बनाई जाएगी, तो इसके लिए कारोबारी साल 2030 तक 6.1 अरब डॉलर (42,900 करोड़ रुपए) का निवेश करना होगा। यदि 100 फीसदी बैटरी का निर्माण देश में होगा, तो इसके लिए कुल निवेश 12.3 अरब डॉलर (85,900 करोड़ रुपए) से ऊपर पहुंच जाएगा। ऑटोमोबाइल और बैटरी मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के लिए हाल में मंजूर की गई प्रॉडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना से EV सेक्टर में घरेलू निर्माण और रोजगार सृजन का सही अनुकूल माहौल बनाने में मदद मिलेगी।

चार्जिंग पॉइंट्स का नेटवर्क बनाने के लिए 20,600 करोड़ रुपए का निवेश हो सकता है

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन-होम चार्जिंग पॉइंट्स के अलावा कारोबारी साल 2030 तक 29 लाख से ज्यादा सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट्स के नेटवर्क की जरूरत होगी। यह भी एक विशाल कारोबारी अवसर होगा और इसके लिए कारोबारी साल 2030 तक 2.9 अरब डॉलर (करीब 20,600 करोड़ रुपए) तक का निवेश करना होगा। अभी देशभर में करीब 1,800 सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट्स हैं।



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By Raj

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